इफ्तार पार्टी के बजाय गरीबों को दें राशन

    - अब्दुल जब्बार


रमजान में मुस्लिम समुदाय के लोग घरों में ही करें इबादत व रोज़ा अफ्तार,इफ्तार पार्टी के बजाय गरीबों को दें राशन,मुस्लिम समुदाय के लोगों से उलेमाओं की अपील।


भेलसर(अयोध्या)मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान का महीना बरकतों का महीना माना जाता है।इस पवित्र महीने में मुस्लिम समाज के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं।पांच वक्त की नमाज,कुरान की तिलावत और रोज़ा रखने के लिए तड़के सहरी और शाम को सूरज ढलने के बाद इफ्तार करते हैं।  इसके अलावा रमजान में तरावीह की विशेष नमाज सामूहिक रूप से अदा की जाती हैं।परन्तु कोरोना संक्रमण के चलते भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में इबादत गाहें पूरी तरह से बंद हैं।
दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नैय्यर मियां व मौलाना मो0 अरशद कासमी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस का प्रकोप देश में चल रहा है।ऐसे में हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लॉक डाउन की अवधि को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है।इस अवधि के दौरान मुसलमानों का पवित्र रमजान का महीना 25/26 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है।रमजान माह में धार्मिक स्थलों पर इबादत,इफ्तार आदि पर कोरोना से बचाव के लिए रोक लगा दी है।मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों नहीं जा सकेंगे।ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए मुसलमानों को शुरुआती हफ्ते का रोजा लॉकडाउन के बीच ही रखना होगा और तरावीह की नमाज पढ़ने से लेकर बाकी इबादत भी अपने-अपने घरों से करनी होगी।
उलेमाओं ने अपील करते हुए कहा कि रमजान के महीने में भी लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह से पालन करें।किसी भी तरह की इफ्तारी मस्जिद में ना भेजें।मस्जिद में 2 से 3 लोग ही रहें और इफ्तारी भी अपने घर से ही लेकर आए।इससे ज्यादा लोग मस्जिद आने की कोशिश ना करें।अगर कोई भी न समझ इफ्तार पार्टी करता है तो समझदार लोग इफ्तार पार्टी में कतई शामिल ना हो बल्कि उसे ऐसा करने से रोकें।यही समझदारी का सबूत है।ध्यान रहे कि घरों में भी किसी भी तरह की जमात बनाकर इमाम को घर बुलाकर तरावीह के लिए लोग इकट्ठा ना हों।ऐसा करना लॉक डाउन के खिलाफ है।दुनिया भर के तमाम मुस्लिम देशों ने व  मुस्लिम धर्मगुरुओं के द्वारा मुस्लिम समुदाय से अपने-अपने घरों से नमाज पढ़ने और इबादत करने की अपील लगातार की जा रही है।कोरोना जैसी महामारी से देश व दुनिया को बचाने के लिए अल्लाह से खास दुआ करें।उलेमाओं ने कहा कि रमजान के महीने में जो लोग मस्जिद में इफ्तारी भेजते थे वे इस साल मस्जिद के बजाय जरूरतमंदों के घर पहुंचाएं।रमजान में इफ्तार पार्टियां करने वाले इसकी रकम से गरीबों को राशन बांटें रोजेदार ये तय करें कि कोई किसी भी समुदाय का हो वो इंसान भूखा ना रहे।जिन लोगों पर जकात फर्ज है वे जकात निकाल कर गरीबों में जरूर बांटें।