जनपद अयोध्या में प्रतिदिन बनेगें 20 हजार से अधिक कपड़ो का माॅस्क-जिलाधिकारी


      अयोध्या 08 अप्रैल,  जनपद में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक कपड़ो का माॅस्क बनाने का लक्ष्य। ताकि लोगो को आसानाी से हर क्षेत्र में माॅस्क उपलब्ध हो सके।उक्त जानकारी देते हुए जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान संक्रमित व्यक्तियो के नाक, मुह से साॅस, खांसी अथवा छीक  आदि से निकलने वाला ड्रापलेट्स में मैजूद वायरस असंक्रमित व्यक्ति के मुॅह, नाक, हाथ में से समपर्क होने पर वह व्यक्ति भी संक्रमित/बीमार हो सकता है। ऐसे में कोरोना वायरस केबचाव के लिए अपरिहार्य कारणे से यदि किसी को घर से बाहर निकलना पड़े तो भारत सरकार के प्रधान सांइटिफिक एडवायजरी के अनुसार नाक व मुॅह पर सर्जिकल माॅस्क के अलावा काॅटन का माॅस्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेन्सिग का अवश्य पालन किया जाए तभी बरती गई सावधानी से आम आदमी संक्रमित होने से बच सकता है।

      जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि माॅस्क को तैयार कराने हेतु 18 शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो में रेडीमेण्ड गारमेन्ट तैयार करने वाली 18 इकाई को चिन्हित कर उन्हे प्रचुर मात्रा में प्रतिदिन माॅस्क तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है जिनकी सूची जारी कर दी गई है। ताकि बाजार में माॅस्क की कमी न होने पाये। इन 18 इकाई को कपड़े की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु 06 थोक कपड़ा विके्रताओ की सूची जारी की गई है जो सम्बन्धित दर्जी, गास्मेन्ट बनाने वाली इकाई तथा स्वंय सेवी संस्थाओ को काॅटन पापलीन का कपड़ा जिसका मूल्य 28 से 36 रूपये प्रति मीटर होगा, उपलब्ध करायेगी।

         दर्जी, रेडीमेड गारमेन्टस इकाई ट्रिपल लेयर माॅस्क तैयार करेगी जिसका नमूना संलग्न किया गया है। वयस्क व्यक्ति हेतु कपड़े का माप 9×7 इंच तथा बच्चो के लिए 7×5 इंच लेंगे तथा माॅस्क 03 चुन्नट (नीचे माप 1.5 प्रत्येक चुन्नट को मोड़ कर बनायेंगे। आर्डर प्राप्त होने पर सम्बन्धित को होम डिलेवरी देंगे। दर्जी स्वंय इस माॅस्क को बेच सकेंगे अथवा दवा की दुकान एवं प्रोविजनल स्टोर पर बिक्री हेतु उपलब्ध करायेंगे जिसका खुदरा मूल्य आम जनमानस के लिए भारत सरकार एवं उ0प्र0 सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 10 से 13 रूपये प्रति माॅस्क (गुणवत्ता के अनुरूप) पर किया जा सकता है। कपड़ा प्रतिष्ठान के खुलने का समय अपरान्ह 02 बजे से सांय 0 बजे तक तथा टेलरिंग का कार्य प्रातः 10 बजे से सांय 06 बजे तक चलेगा परन्तु टेलरिंग का कार्य शटर व दरवाजा बन्द करके ही करेंगे।




      जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि जो व्यक्ति कोविड-19 कोरोना वायरस से संक्रमित नही है ओर न ही उन्हें कोई बीमारी है जैसे स्वाॅस लेने में कोई कठिनाई नही है तो वे तीन लेयर के घरेलू काॅटन माॅस्क का व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए उपयोग कर सकते है। माॅस्क का उपयोग घर से बाहर निकलने पर ही किया जाना चाहिए साथ ही सोशल डिटेंसिंग के तहत किसी दूसरे व्यक्ति से कम से कम 06 फिट की दूरी बनाये रखना आवाश्यक है यह प्रक्रिया ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। घरेलू काॅटन माॅस्क हैल्थवर्कर्स, पैरामेडिकल स्टाप, डाक्टरर्स, पुलिस के वे जवान सहित वे सभी जो कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियो के उपचार तथा ऐसे चिकित्सालय जहाॅ संक्रमित व्यक्तियो का उपचार हो रहा है कि सुरक्षा में तैनात हो उनके नही है।


      जिलाधिकारी ने बताया कि घर से बाहर निकलने वाला व्यक्ति के पास कम से कम तीन लेयर के दो माॅस्क अपने पास रखना चाहिए, घर से वापस आने पर सबसे पहले गर्म पानी में नमक डालकर साबुन आदि से अच्छी तरह धोकर तेज धूप अथवा गर्म प्रेस से अच्छी तरह सुखाकर पुनः उपयोग कर सकता है। मुॅह पर माॅस्क लगाने के बाद माॅस्क को हाथो से कदापि न छुये केवल उतारते समय उसमें लगे प्लास्टिक को पकड़कर ही उतारे और उसे तुरन्त अच्छी तरह धोये। कोई भी व्यक्ति या घर का सदस्य दूसरे का माॅस्क कदापि प्रयोग न करे तथा माॅस्क पहनने से पहले साबुन से हाथो को अच्छी तरह धो ले।

       कोरोना वायरस (कोविड-19)के प्रसार के रोकथाम व बचाव हेतु संपूर्ण देश में  लॉक डाउन के दौरान जनपद में जरूरतमंदों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके के दृष्टिगत आज इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की तरफ से  राशन के 501 पैकेट की सहायता प्रदान की गई। यह सहायता इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन जनपद अयोध्या के चेयरमैन एस.वी. सिंह तथा वाइस चेयरमैन योगेंद्र विजय सिंह के द्वारा जिलाधिकारी अनुज कुमार झा को सौंपी गई। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता, अपर जिलाधिकारी नगर डॉ वैभव शर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जी.एल. शुक्ला व उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह उपस्थित थे।

      जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत जनपद के सभी कोटेदारों को सचेत करते हुये निर्देशित किया है कि माह अप्रैल, 2020 में हो रहे नियमित खाद्यान्न वितरण के समय उन कार्डधारकों को जिनके पास मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम विभाग तथा नगर निकाय में पंजीकरण का प्रपत्र है, उन्हें शासन के निर्देश के क्रम में निःशुल्क खाद्यान्न दिया जाना है। उन्होंने कहा कि किसी कोटेदार के यहाँ शिकायत मिलती है कि निष्क्रिय जॉबकार्ड कहकर किसी कार्डधारक को निःशुल्क खाद्यान्न नहीं दिया जा रहा है जबकि ई-पॉस मशीन में उसका जॉबकार्ड नम्बर डालने पर मशीन ओके कर रही है, तो इसे गम्भीरता से लिया जायेगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
     जिलाधिकारी झा ने स्पष्ट किया कि खाद्य विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार मनरेगा के सभी  जॉब कार्डधारकों को तथा श्रम विभाग व नगर निकायों में पंजीकृत सभी श्रमिकों को जिनका कि राशनकार्ड जारी है, उन्हें निःशुल्क खाद्यान्न दिया जाना है। मात्र उन्हीं पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों से खाद्यान्न का मूल्य लिया जाना है, जिनके पास मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम व नगर निकाय में पंजीकरण नहीं है।