जनपद में 24 गोवंश आश्रय स्थल संचालित


     अयोध्या , जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि  जनपद में 24 गोवंश आश्रय स्थल संचालित है ।जिसमें लगभग 4000 बेसहारा,निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। संरक्षित पशुओं के भरण-पोषण हेतु हरा चारा की व्यवस्था किया जाना नितांत आवश्यक है। वर्तमान समय में कृषकों द्वारा रवी फसल की कटाई-मड़ाई करायी जा रहे है । जिसके फलस्वरूप उनके पास पर्याप्त मात्रा में भूसा उपलब्ध होगा। अस्थाई व स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं की संख्या के अनुसार भूसे की मात्रा का आकलन करते हुए कम से कम एक वर्ष के लिए भूसा का भण्डार करा लेना आवश्यक होगा। 



      इस सम्बंध में उन्होने समस्त खंड विकास अधिकारी ,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया  कि अपने क्षेत्रान्तर्गत संचालित गोशालाओं में संरक्षित पशुओं की संख्या के सापेक्ष वर्ष भर के लिए भूसा क्रय कर भण्डारण करवा लें साथ ही  यह भी सुनिश्चित करें कि ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्राम पंचायत के बड़े किसानों ,अन्य संभ्रान्त व्यक्तियों को निराश्रित बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण हेतु स्वेच्छा से भूसा को दान देने हेतु प्रेरित करे उनसे भी भूसा प्राप्त कर सम्बन्धित गोशालाओं में भण्डारित कराया जाय। 
     इसके अतिरिक्त गोवंश आश्रय स्थल से सम्बन्धित समस्त ग्रामसभा के ग्राम प्रधानों एवं सचिव ग्राम पंचायत, को अपने स्तर से निर्देशित कर दे कि ग्रामसभा में ग्राम समाज व परती भूमि के साथअन्य उपलब्ध भूमि पर वर्तमान में जायद हराचारा फसलों यथा सूडान घास, लोविया, एमपी चरी आदि की बुवाई करवाना सुनिश्चित करें, जिससे अस्थाई गोवंश आश्रय पर संरक्षित निराश्रित गोवंशों को भूसा के साथ हरा चारा भी ससमय उपलब्ध होता रहे।उन्होने उक्त आदेश का सभी से समय से पालन कराने का निर्देश दिया है।