जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संयुक्त रूप से लाॅक-डाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायें: मुख्य सचिव
 

   


अन्य प्रदेश एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाॅर्डर से सम्बन्धित जिले में विशेष सतर्कता बरती जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रदेश के बाहर से प्रदेश में अथवा प्रदेश से बाहर लोगों का आवागमन न हो।आगामी कुछ दिनों में कई त्योहारों के अवसर पर कहीं कोई भीड़ न हो और न ही कोई जुलूस आदि निकले तथा लाॅक-डाउन का पूर्णतः पालन हो।धर्मगुरुओं/सामाजिक नेताओं से लोगों को अपने घरों के अन्दर ही त्योहार मनायें जाने की अपील करने अनुरोध किया जाये।सरकारी एवं निजी दोनों ही चिकित्सालयों में आपात चिकित्सा सुविधा 24ग्7 उपलब्ध हो।चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की भी समुचित व्यवस्था की जाये।कोविड अस्पतालों में आॅक्सीजन, आवश्यक दवाओं एवं आवश्यक सुरक्षा सामग्रियों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये।सामान्य रोगियों के इलाज हेतु टेलीमेडिसिन/टेलीफोन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श लेने की व्यवस्था की जाये।होम क्वारंटाइन में रखे व्यक्तियों से निरन्तर टेलीफोन पर सम्पर्क कर यह सुनिश्चित किया जाये कि उन्हें कोई परेशानी न हो।क्रय केन्द्रों एवं राशन की दुकानों पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्ण रूप से पालन कराने के साथ-साथ हाथ धोने हेतु सेनेटाईजर तथा साबुन की व्यवस्था की जाये।भारत सरकार द्वारा तैयार किये गये ‘आरोग्य सेतु’ एप को सभी सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों एवं जन-सामान्य को डाउनलोड कराया जाये।मुख्य सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये निर्देश।

       लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने समस्त जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वह संयुक्त रूप से निरन्तर पेट्रोलिंग कर लाॅक-डाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करायें। अन्य प्रदेश एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाॅर्डर से सम्बन्धित जिले में विशेष सतर्कता बरती जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रदेश के बाहर से प्रदेश में अथवा प्रदेश से बाहर लोगों का आवागमन न हो। आगामी कुछ दिनों में कई त्योहारों को दृष्टिगत यह सुनिश्चित किया जाये कि इस अवसर पर कहीं कोई भीड़ न हो और न ही कोई जुलूस आदि निकले तथा लाॅक-डाउन का पूर्णतः पालन हो। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित धर्मगुरुओं/सामाजिक नेताओं से अपील करने अनुरोध किया जाये कि लोग अपने घरों के अन्दर ही त्योहार मनायें।
    मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये हैं। यह भी निर्देश दिये कि सरकारी एवं निजी दोनों ही चिकित्सालयों में आपात चिकित्सा सुविधा 24ग्7 उपलब्ध हो। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्गत प्रोटोकाॅल के अनुसार चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की भी समुचित व्यवस्था की जाये तथा निर्धारित प्रोटोकाॅल का पालन किया जाये। इसके अतिरिक्त कोविड अस्पतालों में आॅक्सीजन, आवश्यक दवाओं एवं आवश्यक सुरक्षा सामग्रियों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये।
     मुख्य सचिव ने कहा कि सामान्य रोगियों (जो पूर्व में ओ0पी0डी0 में आते थे) के इलाज हेतु टेलीमेडिसिन/टेलीफोन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श लेने की व्यवस्था की जाये। इसके लिये चिकित्सकों के टेलीफोन नम्बर व उनके द्वारा परामर्श हेतु निर्धारित समय की जानकारी जन-सामान्य को उपलब्ध करायी जाये। यदि किसी मरीज के रक्त आदि की जांच आवश्यक हो, तो सैम्पल के लिये होम कलेक्शन की व्यवस्था करायी जाये।
    मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थाागत क्वारंटाइन की 14 दिन की अवधि पूर्ण करने के उपरान्त आवश्यक चिकित्सकीय जांच के उपरान्त निगेटिव पाये गये व्यक्तियों को 14 दिन की अवधि के लिये होम क्वारंटान में भेज दिया जाये तथा उसे आवश्यक खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया जाये। होम क्वारंटाइन में रखे व्यक्तियों से निरन्तर टेलीफोन पर सम्पर्क कर यह सुनिश्चित किया जाये कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है।
श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने शेल्टर होम में भोजन एवं सफाई की व्यवस्था शासकीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में करायी जाये। भोजन वितरण की व्यवस्था जिला स्तर पर केन्द्रीय रूप से नियंत्रित होनी चाहिये तथा यह भी सुनिश्चित किया जाये कि विश्वसनीय एवं प्रमाणित लोगों द्वारा ही भोजन का वितरण किया जाये। भोजन वितरण में स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाये। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति चेन पूरी तरह चालू रहे, ताकि वस्तुओं के स्टोर पर उपलब्धता की कोई कमी न हो। आटा एवं दाल मिलों पर गेहूं एवं दलहन की पर्याप्त व्यवस्था हो।
     मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केन्द्रों का भी संचालन प्रारम्भ हो जायेगा। इसी समय राशन की दुकानों से खाद्यान्न वितरण भी होना है। इन स्थानों पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्ण रूप से पालन कराने के साथ-साथ हाथ धोने हेतु सेनेटाईजर तथा साबुन की व्यवस्था की जाये। इन स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने हेतु टोकन व्यवस्था भी लागू की जा सकती है। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसानों को अपने उत्पादन न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न बेचना पड़े तथा कोई भी व्यापारी अथवा कम्पनी निर्धारित गुणवत्ता का उत्पाद न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर क्रय न करे।
 राजेन्द्र कुमार तिवारी ने यह भी निर्देश दिये कि भारत सरकार द्वारा तैयार किये गये ‘आरोग्य सेतु’ एप को सभी सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों एवं जन-सामान्य को डाउनलोड कराया जाये। यह एप रोग से स्वयं तथा अन्य लोगों को भी बचाने में अत्यंत सहायक है।