खाद सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल-आखिर तंबाकू ,सिगरेट और गुटका आ कहां से रहा है !

         प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश के बाद पूरे जनपद में लॉक डाउन की व्यवस्था जिला अधिकारी द्वारा सुनिश्चित कर दी गई ।और बाद में  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर धूम्रपान से संबंधित सभी वस्तुओं पर रोक लगाए जाने की बात कही गई । मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन ने सड़कों पर खुलने वाली ऐसी दुकानों को बंद करा दिया लेकिन गुटखा ,सिगरेट,  तंबाकू की बिक्री का जो सिलसिला चल पड़ा उसमे अनाप-शनाप दामों पर जरूरतमंद लोगों को सामान उपलब्ध कराया जा रहा है ।धुम्रपान से संबंधित यह सामान कहां से आता है और कहां कहां जाता है इसकी जानकारी खाद सुरक्षा विभाग को है लेकिन यह विभाग भी जिला अधिकारी कार्यालय मैं स्थित एक कमरे में ही कैद है ।खाद सुरक्षा विभाग की नीदं उस समय खुली जब धुम्रपान का सामान बरामद हुआ ।इस समय चालाकी भी कुछ कम नहीं दिखी । मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के पीलू तले इलाके का है जहां कोतवाली पुलिस ने भारी मात्रा में सिगरेट, गुटका ,तंबाकू बरामद किया फिर क्या था खाद सुरक्षा विभाग हाथ पाव चलाने लगे ।मौके पर पहुंचकर बरामद सामान को अपने कब्जे में ले लिया कोतवाली पुलिस का यह  गुड वर्क खाद सुरक्षा विभाग का गुड वर्क हो गया । मामला यहां  नहीं रुका जो मौके पर बरामद हुआ वह कोतवाली में नजर नहीं आया। आधा अधूरा ही लिखा पढ़ी में दिखाया गया । इतना ही नहीं बरामद ,गुटखा ,सिगरेट तंबाकू उसी व्यक्ति को ही सुपुर्द में दे दिया गया जिसके पास से यह सब बरामद हुआ था। ऐसा लग रहा था कि खाद्य सुरक्षा विभाग का ऐसे लोगों का पुराना रिश्ता है ।तभी तो अवैध कामों में पकड़े गए इन लोगों को कोतवाली से ऐसा छोड़ा गया मानो इन्होंने कोई जुर्म ही ना किया हो और ना ही प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेशों का उल्लंघन किया हो ऐसे में खाद्य विभाग की इस कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी हो जाता है ।और ऐसे कर्मचारियों पर जांच के बाद कार्रवाई के घेरे में लाना भी  आवश्यक है।