किसानों का गन्ना लेने के बाद ही मिल बंद हो:दिनेश दुबे

  किसानों का गन्ना लेने के बाद ही मिल बंद हो,गन्ना किसानों के खेतों का जीएम व डीसीओ ने लिया जायजा।


   - अब्दुल जब्बार एड्वोकेट व मुजतबा खान


       भेलसर(अयोध्या)भाकियू के प्रदेश सचिव दिनेश कुमार दुबे ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गन्ना किसानों से मिलकर शीघ्र मिल में गन्ना पहुचाने की कहा।श्री दुबे ने डीसीओ अयोध्या को क्षेत्र में गन्ना शेष रहने की जानकारी देते हुए कहा कि जबतक खेत में गन्ना है तब तक मिल को बंद नही करने देंगे।तब डीसीओ अयोध्या ने मिल के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का शेष बचे गन्ने का भ्रमण करके श्री दुबे को आश्वासन देते हुए कहा कि जब तक किसानों का गन्ना बचा है तब तक मिल बंद नही होगी।उसके बाद भी किसान संतुष्ट नही हुए तब श्री दुबे ने चीनी मिल पहुँचकर सीजीएम निष्काम गुप्ता,जीएम इकबाल सिंह,फैक्ट्री मैनेजर जितेंद्र सिंह से मिलकर किसानों का गन्ना लेने के बाद ही मिल को बंद करने को कहा।सीजीएम निष्काम गुप्ता ने कहा कि गन्ना आना बंद हो गया है तीन हजार कुन्तल गन्ना 18 घण्टे में प्राप्त हुआ है अब क्षेत्र में गन्ना नही बचा है जो बचा है किसान बीज के लिए रखे है।18 अप्रैल को मिल बंद हो जाएगी।यदि किसी किसान का गन्ना बचता है तो कोई बैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।श्री गुप्ता ने बताया कि 12 मार्च तक का भुगतान भी कर दिया गया है।
भाकियू के प्रदेश सचिव दिनेश दुबे ने बताया कि कैलेंडर की फीडिंग सही न होने के कारण इस वर्ष किसानों को पर्ची मिलने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।पेड़ी आटम पौधे गन्ने को 60/40 में बांटा जबकि गन्ना क्रय नीति के अनुसार जिन किसानों के पास मात्र पेड़ी गन्ना रहता तो उसको 60/40 में बांटना चाहिए था।वही छोटे किसानों को पर्ची नही मिल पाई।अंत मे फ्री में ही गन्ने को भेजना पड़ा।।9 अप्रैल से किसानों को 9,10,11,12 पक्ष की पर्चियां इकठ्ठा दी गई जब किसानों को पर्ची की आवश्यकता थी तब पर्चियां नही दी तब गनौली समिति के किसानों ने अन्य समितियों के किसानों से पर्ची लेकर गन्ना बेचा।जब मिल फ्री हुई तो किसान रात दिन एक करके गन्ना की छिलाई का काम किया।
      श्री दुबे ने कहा कि गेट के किसानों के साथ गन्ना विभाग ने सौतेला व्यवहार करके किसानों का खूब शोषण किया।उन्होंने सीजेएम से कोरोना संक्रमण के मद्देनजर किसानों के घरों में सैनिटाइजर व गरीब किसानों व मजदूरों को खाद्यान्न सामग्री दिलाए जाने की मांग की।