किसानों को हार्वेस्टिंग के लिए आवागमन में असुविधा न हो ने दें : मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री की टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक,फसलों के प्रोक्योरमेंट तथा मण्डी की व्यवस्था को सुचारु बनाये जाने के साथ ही हर हालत में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए।

  • वैकल्पिक क्रय के रूप में एफ0पी0ओ0 (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से गांव अथवा खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए।

  • आनलाइन पढ़ाई व्यवस्था को व्यवस्थित और वृहद रूप दिया जाए, जिससे लाॅक डाउन के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।

  • दूरदर्शन से सम्पर्क कर, इस माध्यम के उपयोग से शैक्षिक गतिविधियों को सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा।

  • किसी भी तरह के धार्मिक, सांस्कृतिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम को सार्वजनिक रूप से आयोजित न किया जाए।

  • प्रशासन व पुलिस, धर्म गुरुओं व अन्य गणमान्य व्यक्तियों से सम्पर्क कर आने वाले दिनों में पड़ने वाले पर्वाें को लोगों द्वारा घर में ही मनाने के सम्बन्ध में अपील कराए।

  • सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक सहित सभी लोग ‘आरोग्य सेतु’ ऐप को अपनाएं।

  • कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी के विरुद्ध कार्रवाई निरन्तर जारी रखी जाए।

  • अवैध शराब के विरुद्ध 03 दिन का विशेष अभियान संचालित कर रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाए।



 

      लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये हैं कि किसानों को हार्वेस्टिंग के लिए आवागमन में कोई असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन नियमों का सरलीकरण कर उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा है कि फसलों के प्रोक्योरमेंट तथा मण्डी की व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। हर हालत में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए। वैकल्पिक क्रय के रूप में एफ0पी0ओ0 (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से गांव अथवा खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से गठित 11 कमेटियों के अध्यक्षों (टीम-11) के साथ समीक्षा कर रहे थे।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, चिकित्सा, नर्सिंग, पैरामेडिकल आदि की शिक्षा में आनलाइन पढ़ाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। आनलाइन शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और वृहद रूप दिया जाए, जिससे लाॅक डाउन के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन से सम्पर्क कर, इस माध्यम के उपयोग से भी शैक्षिक गतिविधियों को सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाए।बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश के लगभग सभी राज्य विश्वविद्यालयों ने आॅनलाइन पठन-पाठन प्रारम्भ कर दिया है। अनेक विषयों का ई-कन्टेंट तैयार कर निरन्तर अपलोड किया जा रहा है, जिन्हें विद्यार्थी घर पर ही आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। इसके लिए अध्यापकों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों द्वारा वैविनार आयोजित किये गये हैं। इस प्रकार, लाॅक डाउन की अवधि में विशेष ध्यान देकर यह प्रयास किया जा रहा है कि उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों का नुकसान न हो और वे घर पर ही सेमेस्टर की अवशेष पढ़ाई पूरी कर सकें। विद्यार्थियों के परीक्षा एवं शिक्षा सम्बन्धी तनाव एवं अवसाद को दूर करने के लिए विश्वविद्यालयों ने छात्रों की काउन्सिलिंग की व्यवस्था भी की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रिम आदेशों तक किसी भी तरह के धार्मिक, सांस्कृतिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम को सार्वजनिक रूप से आयोजित न किया जाए। आमजन घर पर ही धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न करें। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में विभिन्न महत्वपूर्ण पर्व आने वाले हैं। जनता इन पर्वाें को घर में ही सम्पन्न करे। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रशासन व पुलिस, धर्म गुरुओं व अन्य गणमान्य व्यक्तियों से सम्पर्क कर आने वाले दिनों में पड़ने वाले पर्वाें को लोगों द्वारा घर में ही मनाने के सम्बन्ध में अपील कराए।मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्त सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक सहित सभी लोग ‘आरोग्य सेतु’ ऐप को अपनाएं। इस तथ्य का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए कि ‘आरोग्य सेतु’ ऐप कोविड-19 के संक्रमण से स्वयं को बचाने में उपयोगी है। इस ऐप से  कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाने में भी सहायता मिलती है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी, मुनाफाखोरी के विरुद्ध कार्रवाई निरन्तर जारी रखी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानदारों के विरुद्ध हुई कार्रवाई से किसी भी दशा में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न होने पाए। सभी जिलाधिकारी इस सम्बन्ध में प्रभावी वैकल्पिक प्रबन्ध सुनिश्चित करें। उन्होंने अवैध शराब के विरुद्ध 03 दिन का विशेष अभियान संचालित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने के निर्देश भी दिये।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व  रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल एवं संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा  मोनिका एस0 गर्ग, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।