कोरोना का सबसे प्रभावी इलाज लाॅक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग है, जो जहां है, वहीं रहे: मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों में निवासरत उत्तर प्रदेश वासियों की सुविधा के लिए राज्यवार नामित नोडल प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की।

  • इस व्यवस्था के चलते दूसरे प्रदेशों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की काफी समस्याओं का समाधान किया जा सका है।

  • अधिकारियों के पास आने वाले फोन काॅल्स के कारण उनकी समस्याओं का सीधे पता लगा और इन अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित राज्य के उच्चाधिकारियों से सम्पर्क कर उनकी ठहरने, खाने जैसी समस्याओं को निपटाया गया।

  • अन्य राज्यों के जो श्रमिक उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं, उनके संस्थानों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाए कि वे उनका वेतन, मानदेय इत्यादि समय से दे दें, उन्हें राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही मदद भी दी जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो।



 

     लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर विभिन्न प्रदेशों में निवासरत उत्तर प्रदेश वासियों की सुविधा के लिए राज्यवार नामित नोडल प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के चलते दूसरे प्रदेशों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की काफी समस्याओं का समाधान किया जा सका है। इन अधिकारियों के पास आने वाले फोन काॅल्स के कारण उनकी समस्याओं का सीधे पता लगा और इन अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित राज्य के उच्चाधिकारियों से सम्पर्क कर उनकी ठहरने, खाने जैसी समस्याओं को निपटाया गया।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटियों के सक्रिय प्रयासों के चलते अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश की ओर पलायन रोका जा सका है। इससे कम्युनिटी स्प्रेड को रोकने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों ने जहां एक ओर अन्य प्रदेशों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की समस्याओं का समाधान किया, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों के वासियों की भी सहायता की।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्य राज्यों के जो श्रमिक उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं, उनके संस्थानों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाए कि वे उनका वेतन, मानदेय इत्यादि समय से दे दें। उन्हें राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही मदद भी दी जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो। 

     मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का सबसे प्रभावी इलाज लाॅक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग है। अतः वर्तमान में जो जहां है, वहीं रहे। राज्य सरकार इस सम्बन्ध में लगातार लोगों को यही सलाह दे रही है। राज्य सरकार विभिन्न राज्यों के प्रमुख समाचार पत्रों में इस सम्बन्ध में 14, 15 व 16 अप्रैल, 2020 को एक अपील भी प्रकाशित करवा रही है, जिसमें सम्बन्धित जिलों के नोडल अधिकारियों के कंट्रोल रूम नम्बर भी प्रकाशित किये जाएंगे। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सभी काॅलर की बात को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करवाएं।

 


 

  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को 13 अप्रैल, 2020 को लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग, उ0प्र0 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सहयोग की धनराशि 72 लाख 23 हजार 306 रुपये का चेक ‘मुख्यमंत्री पीडि़त सहायता कोष’ के लिए भेंट किया गया।

     दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश वासियों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण नोडल अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाए, यदि आवश्यकता पड़े तो सम्बन्धित राज्य के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल से भी सम्पर्क किया जाए। उन्होंने कोरोना संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य की सभी सीमाओं को प्रभावी ढंग से सील करने और हर हाल में यातायात रोकने और पैदल चलकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिये। प्रदेश से लगे राज्यों जैसे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली इत्यादि में बसे उत्तर प्रदेश वासियों को अपने निवास स्थान पर ही रुकने के लिए प्रेरित करें।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात, उत्तराखण्ड/हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़, दिल्ली/जम्मू और कश्मीर/लद्दाख, उड़ीसा, तमिलनाडु, पूर्वाेत्तर राज्य (अरुणांचल प्रदेश, असम, नागालैण्ड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा तथा मिजोरम) एवं केरल के लिए नामित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस नोडल अधिकारियों से उनसे सम्बन्धित राज्यों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की समस्याओं के निराकरण के विषय में सीधे जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।