कोविड-19, वित्तीय वर्ष 2020-21, समस्त जनपदों तथा चिकित्सा विभाग को 1139 करोड़ रु0 की धनराशि जारी- मुख्यमंत्री
 

 

    कोविड-19 से निपटने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के प्रथम दिन समस्त जनपदों तथा चिकित्सा विभाग को 1139 करोड़ रु0 की धनराशि जारी।

कोरोना वायरस कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में दैनिक रूप से काम करने वाले मजदूरों के भरण-पोषण हेतु सहायता के लिए समस्त जनपदों को कुल 

750 करोड़ रु0 की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित।

जनपदों में संचालित हो रहे अस्थायी आश्रय स्थलों, आम रसोईघरों व अन्य स्थानों पर व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार भोजन सामग्री/भोजन/फूड पैकेट का वितरण कराने हेतु समस्त 75 जनपदों को 215 करोड़ रु0 की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित।

कोरोना वायरस कोविड-19 के प्रसार को रोकने एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु कतिपय लाॅजिस्टिक, जैसे मास्क, पी0पी0ई0, आर0टी0-पी0सी0आर0 उपकरण, वेंटीलेटर्स आदि क्रय करने हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 100 करोड़ रु0 की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित।

प्रदेश स्तर पर इन्टीग्रेटेड राहत कण्ट्रोल रूम की स्थापना राज्य स्तरीय इन्टीग्रेटेड राहत कण्ट्रोल रूम को अन्य राज्यों के कण्ट्रोल रूम से भी जोड़ा जा रहा है।

 


लखनऊ 01 अप्रैल,कोविड-19 से निपटने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के प्रथम दिन प्रातः 09 बजे समस्त जनपदों तथा चिकित्सा विभाग को 1139 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर दी गयी है। यह जानकारी आज यहां अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार ने कोविड-19 रोकथाम कार्यवाही राजस्व विभाग सब कमेटी रिपोर्ट के माध्यम से दी।
     रिपोर्ट के अनुसार नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों के प्रभावित होने के कारण दैनिक रूप से काम करने वाले मजदूरों आदि के सामने उत्पन्न भरण-पोषण की समस्या के दृष्टिगत सहायता दिए जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासनादेश दिनांक 01 अप्रैल, 2020 द्वारा समस्त जनपदों को कुल 750 करोड़ रुपए की धनराशि (प्रति जनपद 10-10 करोड़ रुपए) अग्रिम रूप से आवंटित कर दी गयी है।
     इसी प्रकार कोविड-19 की महामारी से उत्पन्न स्थिति से निपटने हेतु जनपदों में संचालित हो रहे अस्थायी आश्रय स्थलों, आम रसोईघरों व अन्य स्थानों पर व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार भोजन सामग्री/भोजन/फूड पैकेट का वितरण कराने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासनादेश दिनांक 01 अप्रैल, 2020 द्वारा समस्त 75 जनपदों को 215 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित कर दी गयी है।
     नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के प्रसार को रोकने एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु कतिपय लाॅजिस्टिक, जैसे मास्क, पी0पी0ई0, आर0टी0-पी0सी0आर0 उपकरण, वेंटीलेटर्स आदि क्रय करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासनादेश दिनांक 01 अप्रैल, 2020 द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 100 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित कर दी गयी है।
     कोविड-19 सम्बन्धी आवश्यक मेडिकल कंज्यूमेबल तथा मेडिकल इक्विपमेंट क्रय किए जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासनादेश दिनांक 01 अप्रैल, 2020 द्वारा समस्त जनपदों को 44.50 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित कर दी गयी है। जनपदों में स्थापित राजकीय मेडिकल काॅलेज/मेडिकल संस्थान/प्राइवेट मेडिकल काॅलेजों में नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 से बचाव व प्रबन्धन हेतु आवश्यक उपकरणों/कंज्यूमेबल आदि क्रय करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासनादेश दिनांक 01 अप्रैल, 2020 द्वारा 31 जनपदों को 29.50 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से आवंटित कर दी गयी है।
     कोविड-19 के कारण देश में घोषित लाॅकडाउन की अवधि में सूचीबद्ध आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के लिए पास जारी करने हेतु ई-पास आॅनलाइन जारी कराए जाने हेतु आॅनलाइन फाॅर्म तैयार कर लिया गया है। विशेष परिस्थितियों में आमजन चिकित्सा सेवाएं प्राप्त किए जाने के लिए ही ई-पास हेतु आवेदन कर सकते हैं। आवेदक ीजजचरूध्ध्164ण्100ण्68ण्164ध्नचमचंेे2 पोर्टल पर आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आॅनलाइन आवेदन का परीक्षण/सत्यापन अधिकृत जनपद स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा करते हुए ई-पास आॅनलाइन जारी किए जाएंगे, जिसका लिंक आवेदक द्वारा दिए गए मोबाइल नम्बर पर प्रेषित कर दिया जाएगा। आवेदक इस लिंक पर क्लिक कर आॅनलाइन पास की इलेक्ट्राॅनिक काॅपी प्राप्त कर सकता है। ई-पास की इलेक्ट्राॅनिक काॅपी मान्य होगी। इस कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या के सम्बन्ध में नचमचंेे/हउंपसण्बवउ पर सम्पर्क किया जा सकता है।
     प्रदेश स्तर पर इन्टीग्रेटेड राहत कण्ट्रोल रूम की स्थापना राहत आयुक्त कार्यालय, एनेक्सी भवन, द्वितीय तल में कर ली गयी है। अधिकांश जनपदों में जनपद स्तरीय राहत कण्ट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं। इन कण्ट्रोल रूम को राज्य के कण्ट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है तथा प्रथम चरण की पायलेट टेस्टिंग की जा चुकी है। समस्त 18 मण्डलों में कमिश्नरी कण्ट्रोल रूम स्थापित कराए जाने तथा इन्हें राज्य स्तरीय इन्टीग्रेटेड राहत कण्ट्रोल रूम से जोड़े जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है। राज्य स्तरीय इन्टीग्रेटेड राहत कण्ट्रोल रूम को अन्य राज्यों के कण्ट्रोल रूम से भी जोड़ा जा रहा है।
     राहत कण्ट्रोल रूम के टोल-फ्री नम्बर-1070 पर कोविड-19 सम्बन्धी काॅल्स आ रही हैं। इस नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है तथा इसे इन्टीग्रेटेड कोविड-19 वेब पोर्टल से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि प्रभावित जनमानस को इसके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हो जाए। राहत कण्ट्रोल रूम में कोविड-19 से सम्बन्धित अब तक 1341 फोन काॅल्स आयी हैं। कण्ट्रोल रूम द्वारा सम्बन्धित नोडल आॅफिसर्स के साथ काॅलर्स का समन्वय स्थापित कराया गया।
     31 मार्च, 2020 की रात तक 75 जनपदों में कुल 818 आश्रय केन्द्र खुल चुके हैं। पता व नोडल अधिकारी के फोन नम्बर सहित इन आश्रय स्थलों की सूची जनपदों से प्राप्त हो चुकी है। इन आश्रय स्थलों में 15084 लोग रह रहे हैं।