लाॅकडाउन का उल्लंघन करने पर 02 वर्ष तक की सजा और जुर्माना-जिलाधिकारी


       अयोध्या 03 मार्च,  शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कोरोना वायरस के प्रसार के रोकथाम एवं बचाव हेतु जनपद में लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 व भारतीय दण्ड संहिता (आई0पी0सी0) की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत कड़ी कार्यवाही करने के दिये निर्देश। 
  कोविड-19 के प्रकोप से दुनिया एक बड़ी महामारी से जूझ रही है जिससे बचाव हेतु माननीय प्रधानमन्त्री जी द्वारा सम्पूर्ण देश में 25 मार्च, 2020 से 21 दिनों का लाॅकडाउन घोषित किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि लाॅकडाउन का जनपद में अब तक अच्छा प्रभाव रहा है। जनपद में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने सभी प्रकार की पूजा, उपासना एवं नमाज आदि को  अपने-अपने घरों से करने की अपील की है। राम नवमी के अवसर पर भी लोगों ने अपने-अपने घरों से ही पूजा-पाठ किया है लेकिन कुछ स्थानों पर अनावश्यक भीड़-भाड़ होने, सड़कों पर आकर टहलने की घटनाएं परिलक्षित हुईं हैं। शासन के द्वारा ऐसी घटनाओं को गम्भीरता से देखा जा रहा है और ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के सामूहिक, धार्मिक गतिविधियाँ भी लाॅकडाउन में प्रतिबन्धित की गयी हैं। यदि इसका उल्लंघन हुआ तो कड़ी कार्यवाही होगी। इसका अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिलाधिकारी ने लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60 तथा आई0पी0सी0 की धारा 188 के अन्तर्गत जुर्माना लगाने एवं दण्डित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन में बाधा डालने, धन या सामग्री आदि का दुरुपयोजन करने, झूूठी सूचना/अफवाह फैलाने, किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा कर्तव्यों का पालन न करने या अधिनियम के उपबन्धों का उल्लंघन करने अथवा जनपद के किसी आम नागरिक द्वारा सरकार या जिला प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन न करने पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम तथा आई0 पी0 सी0 के अन्तर्गत 02 वर्ष तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है। जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को लाॅकडाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा कोविड-19 से बचाव हेतु जनपदवासियों को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिये हैं।