माँ कामख्या भवानी में रोज होगा बेजुबान बंदरो के लिए भोज:विधायक राम चन्द्र


माँ कामख्या भवानी में रोज होगा बेजुबान बंदरो के लिए भोज,भाजपा नेता शीतला प्रसाद शुक्ल को सौंपी गई जिम्मेदारी,बुधवार को दूसरे दिन भी किया बन्दर भोज।


     भेलसर(अयोध्या)लॉक डाउन में इन दिनों बेजुबान बंदरों को खाना भी ठीक से नसीब नहीं हो पा रहा है। लॉक डाउन से इन बेजुबानों के लिए खाने के लाले पड़े हुए हैं।मवई के सुनबा के जंगल में स्थित पौराणिक सिद्धि पीठ माँ कमख्या भवानी मंदिर का कपाट बंद होने के चलते यहाँ बेजुबान बंदर भूख से तड़पते दिखाई पड़े।तो विधायक ने मंगलवार को लाई व चना मंगा कर खिलाया था।बुधवार को रुदौली विधायक के सँग एसडीएम रुदौली ने भी पहुंच कर गोमती नदी के तट पर बंदर भोज के आयोजन में सम्मिलित हुए और चना व अंगूर खिलाया।इस मौके पर प्रत्येक दिन भोज के आयोजन के लिए स्थानीय भाजपा नेता शीतला प्रसाद शुक्ल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
      लॉक डाउन के चलते इंसान तो इंसान अब बेजुबान जानवरों पर भी लॉक डाउन का असर देखने को मिल रहा है। बेजुबान जानवर खाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं तो वही मंदिर और उसके आसपास रहने वाले क्षेत्र में भी बंदर भूख से तड़पते हुए दिखाई देते हैं।लॉक डाउन में कमख्या धाम मंदिर के कपाट बंद होने के कारण वहाँ इन बेजुबान बंदरों को खाना भी ठीक से नसीब नहीं हो पा रहा है।रुदौली तहसील क्षेत्र के सुनबा में स्थित माँ कमख्या भवानी में मंदिर हो या गोमती नदी का किनारा हो आपको बंदर देखने को तो मिलेंगे लेकिन यह बंदर इन दिनों भूख से तड़पते हुए दिखाई देंगे।जो लोग इन बेजुबान बंदरों को खाने पीने की चीजें मुहैया कराते थे वह लोग अब अपने घरों में कैद हो गए हैं और यही कारण है कि बंदरों पर इसका असर देखने को मिल रहा है।मंदिर के स्थानीय निवासियों द्वारा जानकारी पर मंगलवार को रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने माँ कमख्या मंदिर के निकट गोमती नदी के तट पर बंदरों के भोज का आयोजन कर चना और लैय्या खिलाया था उसके बाद बुधवार को भी सुबह  विधायक व एसडीएम रुदौली विपिन सिंह साथ पहुचकर विशाल भोज का आयोजन कर चना व अंगूर खिलाया और स्थानीय भाजपा नेता शीतला प्रसाद शुक्ल को इसी तरह के भोज के आयोजन प्रत्येक दिन सुबह शाम करने की जिम्मेदारी सौंपी है।विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि कमख्या भवानी में बंदर भोज का आयोजन रोज होता रहेगा।