मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा लाॅकडाउन को 03 मई, 2020 तक बढ़ाए जाने का स्वागत किया, अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम बताया : मुख्यमंत्री

                                मुख्यमंत्री द्वारा लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा

 

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा लाॅकडाउन की कार्यवाही को 03 मई, 2020 तक बढ़ाए जाने का स्वागत किया।भारत की जनता के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए यह अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम।उ0प्र0 में लाॅकडाउन की कार्यवाही को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा।सभी राजकीय अस्पतालो  एवं आयुष्मान भारत योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं यथाशीघ्र शुरू की जाएं।स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों द्वारा मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से जनपद स्तर पर व्यापक रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाए।किसान द्वारा उत्पादित सब्जी, फल आदि की बाजार तक पहुंच बाधित न हो। आम उपभोक्ता तक वस्तुएं सहजता से पहुंचे, इसके लिए सप्लाई चेन को सुदृढ़ किया जाए।15 अप्रैल, 2020 से किसानों की उपज के प्राॅक्योरमेंट एवं निःशुल्क राशन वितरण की कार्यवाही।जिला प्रशासन मुसहर, थारू, वनटांगिया आदि समुदायों केपरिवारों को आवश्यक रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराए।निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक स्थापित किया जाए।

 

       लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाॅकडाउन की कार्यवाही को 03 मई, 2020 तक बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत की 130 करोड़ जनता के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए उठाया गया यह अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में लाॅकडाउन की कार्यवाही को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा। प्रदेश सरकार एवं प्रशासन, हजारों स्वयंसेवी संगठन तथा संस्थाएं 23 करोड़ जनता की सेवा में दिन-रात लगकर कोरोना वायरस कोविड-19 को परास्त करेंगे।

      मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु लागू लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आकस्मिकता की स्थिति में प्रदेशवासियों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा की आपातकालीन सेवाओं को प्रारम्भ किया जाना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत सभी राजकीय अस्पतालांे एवं आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं यथाशीघ्र शुरू की जाएं। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं से कोविड-19 के संक्रमण का प्रसार न हो, इसके लिए पूरी सुरक्षा और सतर्कता बरती जाए। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी अस्पतालों को पी0पी0ई0 किट, एन-95 मास्क आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि यह देखा गया है कि आकस्मिकता की स्थिति में अस्पतालों में आने वाले किडनी, लिवर, हार्ट आदि की गम्भीर बीमारियों के कतिपय रोगियों में बाद मंे कोविड-19 के संक्रमण का पता चलता है, इससे पूरी मेडिकल टीम के संक्रमित होने की आशंका बन जाती है।   

     कोविड-19 के संक्रमण से बचाव व उपचार के सम्बन्ध में स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों द्वारा मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से जनपद स्तर पर व्यापक रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इसके अन्तर्गत प्रतिदिन अलग-अलग लोगों यथा चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ तथा एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 आदि से जुड़े स्वयं सेवकों आदि की ट्रेनिंग निरन्तर करायी जाए।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान द्वारा उत्पादित सब्जी, फल आदि की बाजार तक पहुंच बाधित न हों। साथ ही, आम उपभोक्ता तक यह वस्तुएं सहजता से पहुंचे, इसके लिए सप्लाई चेन को सुदृढ़ किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी खाद्यान्न अथवा भोजन की कमी न होने पाए। स्थानीय प्रशासन कम्युनिटी किचन के कार्यों में लगे व्यक्तियों के सम्बन्ध में पूरी जानकारी रखे। हाॅटस्पाट क्षेत्रों में सप्लाई चेन, मेडिकल स्क्रीनिंग व सेनिटाइजेशन को प्रभावी बनाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा लाॅकडाउन को 03 मई, 2020 तक के लिए बढ़ा दिए जाने के दृष्टिगत, विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को सतर्क कर दिया जाए। यह सभी नोडल अधिकारी प्राप्त होने वाली हर फोन काॅल को रिसीव करें एवं अवगत करायी जाने वाली समस्याओं का समाधान कराएं।कल 15 अप्रैल, 2020 से लाॅकडाउन का द्वितीय चरण शुरू हो रहा है। इसी तिथि से प्रदेश में किसानों की उपज के प्राॅक्योरमेंट एवं निःशुल्क राशन वितरण की कार्यवाही भी प्रारम्भ हो रही है। इसके दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरते जाने की आवश्यकता है। प्राॅक्योरमेंट एवं राशन वितरण की कार्यवाहियों के दौरान सोशल डिस्टैन्सिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, इस दौरान सेनिटाइजर अथवा हाथ धोने के लिए साबुन व पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन मुसहर, थारू, वनटांगिया आदि समुदायों के परिवारों को आवश्यक रूप से खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करे, क्योंकि उनके पास जीवनयापन के साधन सीमित हैं।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मौसम में भूसा बड़ी मात्रा में उपलब्ध रहता है, इसलिए इसे आसानी से एकत्र किया जा सकता है। निराश्रित गोवंश के लिए गोवंश आश्रय स्थलों पर मनरेगा मजदूरोें के माध्यम से भूसा बैंक स्थापित कर लिया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने एक स्थान पर मजदूरों के प्रदर्शन तथा एक अन्य जगह किराए के भुगतान में देरी पर मकान मालिक द्वारा किराएदार को घर से निकालने की घटनाओं का संज्ञान लेकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

 इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल एवं  संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।