पंजीकृत श्रमिकों के खाते अबतक रुo 25798000 धनराशि ट्रांसफर- डॉ0 उज्जवल कुमार

             


     महराजगंज,जिलाधिकारी डॉ0 उज्जवल कुमार ने बताया कि  डीबीटी के माध्यम से अब तक 25798 पंजीकृत श्रमिकों को एक- एक हजार  रु0 की सहायता उपलब्ध कराई गई l इस प्रकार कुल 25798000 धनराशि व्यय की गई, ताकि कोरोना के दृष्टिगत लागू किए गए लॉक डाउन के दौरान उनके भरण-पोषण की कोई समस्या ना उत्पन्न हो l


आवश्यक वस्तुओं की दुकानें अब खुलेगी  प्रातः 10:00 बजे तक फल सब्जी आदि के ठेले यथावत चलते रहेंगे l


जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के दृष्टिगत लागू किए गए लॉकडाउन में खुलने वाले आवश्यक वस्तुओं यथा , किराना, दूध, फल, भाजी,  कृषि उत्पाद,खाद्य सामग्री, पेयजल, डाटा सेंटर, अंडा, मीट, पशु,आहार आदि आवश्यक वस्तुओं के प्रतिष्ठान 24 अप्रैल से मध्यान्ह 10:00 बजे तक खुलेंगे l दूध, फल, सब्जी, खजूर आदि के ठेले   होम डिलीवरी हेतु पूर्व की ही भांति संचालित होते रहेंगे l जिलाधिकारी ने जन सामान्य से इस दौरान सामाजिक दूरी बनाते हुए आवश्यकतानुसार ही घर से बाहर निकलने की अपील की है l


प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त के पत्र के क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 उज्जवल कुमार ने बताया कि गन्ना कृषकों द्वारा चीनी उपलब्ध कराए जाने की मांग के दृष्टिगत शासन द्वारा सम्यक विचारोंप्रांत यह निर्णय लिया गया है कि पेराई सत्र 2019-20 के अंतर्गत चीनी मिलों द्वारा इच्छुक आपूर्तिकर्ता गन्ना कृषकों को बकाया गन्ना मूल्य की एवज में चीनी की उपलब्धता कराई जाएगी l उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक गन्ना कृषक को एक कुंतल चीनी प्रति माह में उस दिन के चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जीएसटी के आधार पर माह जून 2020 तक उपलब्ध कराई जाएगी, यदि चीनी मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जीएसटी के आधार पर कृषकों को चीनी उपलब्ध कराई जाएगी l इच्छुक गन्ना कृषक अपने साधनों द्वारा मिल गोदाम से चीनी उठान करेंगे l इसके लिए उन्हें यातायात व्यय की कोई प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी l उन्होंने बताया कि गन्ना आयुक्त द्वारा चीनी मिलों को यह भी निर्देशित किया गया है कि कृषकों को उपलब्ध कराई जाने वाली चीनी की मात्रा भारत सरकार द्वारा संबंधित चीनी मिल के निर्धारित मासिक कोटे के अंतर्गत ही होगी तथा जीएसटी को नियमानुसार राजकोष में जमा करने का उत्तरदायित्व संबंधित चीनी मिल का होगा l यदि जीएसटी जमा करने अथवा न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर कृषको को चीनी दिए जाने का संज्ञान में आता है l तो संबंधित मिल  इसके लिए जिम्मेदार होगी l जिला गन्ना अधिकारी को इसके नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है l