पीड़ितो ने आनलाइन शिकायत कर, दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग

      इन्स्पेक्टर एवं सुपर वाइजर की साजिश व लापरवाही से 21 बीघा रकबा सर्वे किया गया करा दिया मात्र 2 बीघा फीडिंग,पीड़ितो ने आनलाइन शिकायत कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।


    - अब्दुल जब्बार व डॉ0 मो0 शब्बीर 


     भेलसर(अयोध्या)रौज़ा गाँव चीनी मिल के बन्द होने की सूचना पर गन्ना किसानों की बेचैनी बढ़ गई है।गन्ना मिल के कर्मचारियों,इन्स्पेक्टर एवं सुपरवाइजर द्वारा की गई गलती का खामियाजा गन्ना किसानों को भुगतना पड़ रहा है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है।जहाँ गन्ना मिल के कर्मचारियों,इन्स्पेक्टर एवं सुपरवाइजर की साजिश व लापरवाही से 21 बीघा रकबे का किया गया सर्वे मात्र 2 बीघा फीडिंग करा दिया गया यही नहीं साजिश के तहत कोई कलेन्डर व सूचना भी नही देने का कृषक ने कर्मचारियों,इन्स्पेक्टर एवं सुपर वाइजर पर आरोप लगाया है।
    तहसील क्षेत्र रूदौली के जखौली गाँव निवासी सै0 ग़ुलाम मेहदी व सैयदा खातून ने उच्च अधिकारियों को ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि वे खेतिहर कृषक तथा भूमि गाटा संख्या- 1201/2.140 हे0 व 1197/1.384 हे0 व 1171/3.670 हे0 स्थित ग्राम जखौली के संक्रमणीय भूमिधर है।जब से रौजागाॅंव चीनी मिल स्थापित हुई है,तब से काफी मात्रा मे अपने खेतों मे गन्ना के अच्छी खेती करते चले आ रहे है गुलाम मेंहदी का गन्ना कृषक कोड सं0- 1111/30 व सैयदा खातून का 1111/33 है।शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि उनकी हर वर्ष लगभग 25-30 पर्ची आती थी,उसी पर्ची पर वे अपना गन्ना तौल कराते थे।परन्तु इस वर्ष सर्वे मे भी उनका पूरा रक्बा लिखा गया था,उसके बाद गन्ना मिल के कर्मचारियों उपेन्द्र  कुमार पाठक इन्स्पेक्टर एवं सुपर वाइजर अंकुर वर्मा की साजिश व लापरवाही से लगभग 21 बीघा रकबे का किया गया सर्वे मात्र 2 बीघा रकबा फीड करा दिया गया और साजिश के तहत उनको कोई कलेन्डर व सूचना भी नही दी गयी जिससे वे यह समझते थे कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष मे 25-30 पर्ची बनी होगी।पीड़ित ने बताया कि उनके पूछने पर उक्त लोगों द्वारा यही समझाया जाता रहा है कि पर्ची आयेगी,अब अचानक पता चला है कि गन्ना मिल रौजागाॅंव लगभग दिनाॅंक- 17 व 18 अप्रेल को बन्द होने वाली है।सूचना पर तुरन्त मिल के सचिव व समिति मे तत्काल बात किया तो उन्होने आश्वासन दिया कि गन्ना बिक जायेगा यह मेरी जिम्मेदारी है।अब मिल के कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि 2-3 दिन मे अपना गन्ना मिल को पहुचा दीजिए अन्यथा मिल बन्द हो जायेगी।शिकायतकर्ता ने अपनी पीड़ा बयान करते हुए बताया कि इस समय गेहूं मे मड़ाई का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है तथा कोरोना जैसी बीमारी के कारण लेबर भी बहुत कम मिल पा रहे है। 2-3 दिन मे वे अपना गन्ना तैयार करके कैसे भेज सकते है।यदि उनका गन्ना मिल द्वारा नही लिया जाता है तो उनकी काफी अपूर्णनीय क्षति होगी जिसकी भरपाई किसी भी कीमत पर नही हो पायेगी।शिकायतकर्ताओ ने अपने गन्ने की तौल की तत्काल उचित व्यवस्था कराने व दोषी कर्मचारी/अधिकारी के विरूद्व कठोर से कठोर कार्यवाही तथा मिल द्वारा यदि उनका गन्ना नही लिया जा रहा है,तो उनके गन्ने की फसल की भरपाई /धनराशि दिलाने की मांग की है।