पेयजल योजनाओ का डीपीआर बनाकर तत्काल भेजें -जिलाधिकारी


पेयजल की उपलब्धता एवं सामूहिक पेयजल योजनाओं के संचालन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक।

  जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार की अध्यक्षता में कल सायंकाल कैम्प कार्यालय के सभागार में पेयजल की उपलब्धता एवं सामूहिक पेयजल योजनाओं के संचालन के सम्बन्ध में बैठक की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि तीन दिनों के अन्दर पूरे जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में इण्डिया मार्का हैण्डपम्प का सर्वे करा लें और जो हैण्डपम्प खराब पाये जाये उनका मरम्मत कराया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में जिला विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 30 एकल ग्राम पाइप पेयजल परियोजना ग्राम पंचायतों को जल निगम द्वारा हैण्ड ओवर की गयी है, किन्तु उसमें से 15 परियोजनायें सुचारू रूप से चल नही रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिला विकास अधिकारी एवं अधिशासी अभियन्ता जल निगम संयुक्त रूप से परियोजनाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में अधिशासी अभियन्ता जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि 100 एकल समूह पाइप पेयजल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार कराया गया है जिसमें सें 35 का डीपीआर भेजा जा चुका है। सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट के संचालन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा पूछने पर बताया गया कि 2012 में नमामि गंगे योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट का निर्माण कराया गया था जो वर्तमान समय में संचालित नही हो रहा है। जिलाधिकारी ने सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट के सम्बन्ध में डीपीआर अभी तक न भेजने के सम्बन्ध में रोष व्यक्त करते हुये निर्देश दिया कि पेयजल योजनाओ का डीपीआर बनाकर तत्काल भेजवायें तथा जनपद में पेयजल योजना के सम्बन्ध में माइक्रो प्लान बनाकर जारी कराये। बैठक में अधिशासी अभियन्ता जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि लाकडाउन के दौरान खराब हो रही पेयजल योजना की मोटर की मरम्मत नही हो पा रही है जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) को निर्देशित किया कि मोटर मरम्मत करने वाले मिस्त्री को पास जारी कराये ताकि पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होने सोशल डिस्टेसिंग बनाये रखते हुये चेकडैम एवं जल संरक्षण का कार्य कराये जाने का भी निर्देश दिया। गर्मी को देखते हुये जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में कोई भी हैण्डपम्प खराब होने की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व निर्धारित किया जायेगा। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जहां तालाब सुख गये है उसमें पानी भरवाया जाये ताकि पशु-पक्षियों को पेयजल उपलब्ध हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 अमित पाल शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, जिला सूचना अधिकारी विजय कुमार, जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।