पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली भाजपा-बी०एम ०यादव

       


      स्वतंत्र देव जी अपना नाम स्वतंत्र देव रख लेने से आप स्वतंत्र नहीं हो जाएंगे आप अपनी तुलना माननीय अखिलेश जी से मत करिए पहले आप स्वयं को देख लीजिए आप की क्या हैसियत है और माननीय अखिलेश यादव जी की क्या हैसियत है!देश के वरिष्ठ नेता मा0 अखिलेश यादव जी पर पिछड़े दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव जी आपने जिस घटिया भाषा का प्रयोग किया है वो भाजपा का असली रूप प्रदर्शित कर रहा है।
      5 अप्रैल 1980 को अपनी मूल पार्टी जनता पार्टी को इस बुनियाद पर अटल जी व RSS से संबंधित  गुट ने तोड़ा कि दलित समाज के बाबू जगजीवन राम प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं,  कहा कि दलित और पिछड़े देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं, और भाजपा की नीव ही पिछड़े दलित विरोध के रूप में 5 अप्रैल
1980 को कोटला मैदान दिल्ली में पड़ी।
    1990 में जनता दल के श्री वी.पी.सिंह जी की सरकार ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार कर 27% पिछड़े वर्ग का आरक्षण देश में लागू किया।उसी समय सबसे पहले श्री लालकृष्ण अडवाणी जी व हिमाचल प्रदेश के भाजपा के मुख्यमंत्री रहे श्री शान्ता कुमार जी ने पिछड़े वर्ग के आरक्षण का खुल कर विरोध किया ।दिल्ली में भाजपा के ABVP छात्र संगठन के छात्र एस.एस.चौहान ने 19 सितंबर 1990 को आरक्षण विरोध में आत्मदाह कर लिया दूसरा ABVP नेता राजीव गोस्वामी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया बुरी तरह झुलसा।




    इसी प्रकार उस समय भाजपा पिछड़े वर्ग के आरक्षण का विरोध करती रही,सब ऑन रिकार्ड है ।
20 मार्च 2017 को मोदी जी के कहने पर मुख्यमंत्री आवास ,5 कालीदास मार्ग, लखनऊ को गौ मूत्र व गंगा जल से धुलवा कर शुद्धिकरण करवाया गया कि वहाँ पर पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी रहे व दलित समाज की मुख्यमंत्री मायावती जी रही  इसलिए वो अपवित्र हो गया था उसका शुद्धिकरण करवाया,उसके बाद बंगले में योगी जी ने कदम रखा जिनकी आज सब भाजपाई चापलूसी करते हैं ।
    ये भाजपा का वास्तविक इतिहास ऑन रिकार्ड है और इस लाॅक डाउन के समय में भाजपा का इतिहास सब पढ़ रहे हैं और भली भांति समझ रहे हैं कि किस मानसिकता वाली पार्टी है भाजपा।
    भाजपा ने रणनीति के तहत पिछड़े व दलित समाज के कुछ नेताओं को पद व अन्य लालच देकर गोदी नेता के रूप में विकसित कर  पिछड़े व दलितों को रिझाने के लिए रखा है ताकि वो लोग इस समय उस समाज से पूर्ण रूप से उभर चुके राष्ट्रीय नेता के रूप में मा0 अखिलेश यादव जी को जिनके अंदर मानवता कूट कूट  कर भरी हुई है ये जग जाहिर है कि वो खुलेआम इस बात को कहते हैं कि सत्ता रहे न रहे सत्ता मिले न मिले मानवता का दामन कभी न छोड़ना उन पर गोदी नेता सवतंत्र देव जी से अभद्र टिप्पणी करा कर भाजपा अपनी पिछड़े दलित विरोधी मानसिकता का खुलकर परिचय दे रही है,सवतंत्र देव जी या उनके जैसे अन्य गोदी नेता अगर मुंह उठा कर आसमान पर थूकेंगे तो वो थूक उन पर ही पड़ेगी,थूक आप पर ही पड़ेगी ये बात याद रखें।पिछड़े समाज से संबंधित  भाजपा ने अपने दो मुख्यमंत्री रहे श्री  कल्याण सिंह जी व उमा भारती जी को एक मिनट में निकाल कर फेंक दिया और वो दोनों लोग देश भर में घूम घूम कर भाजपा के ताबूत में कील ठोकने की बात करते रहे! कहते थे कि भाजपा पिछड़ा विरोधी है एक और हैं साक्षी महाराज जी  उनको भी निकाल फेंका था उस समय इन पिछड़े वर्ग के लोगों को अगर राजनीतिक संजीवनी किसी ने दी तो वो वह है माननीय अखिलेश यादव  जी की मानवता वाली समाजवादी पार्टी ने ही दिया अन्यथा भाजपा ने उनकी राजनीति समाप्त कर ही दी थी। बी०एम० यादव "इसौली"का भाजपा में दलित पिछड़े समाज के गोदी नेताओं से अनुरोध है  कि पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली वाली पार्टी भाजपा के राजनीतिक खेल को समझें, वो नहीं चाहते कि पिछड़े, दलित ,आदिवासी देश से लेकर प्रदेश तक की बागडोर संभालें,समय बदल चुका है परिवर्तन हो कर रहेगा कोई रोक नहीं पाएगा। इस महामारी के समय स्वतंत्र देव जी आपने देश एवं प्रदेश की शान माननीय अखिलेश यादव जी के संबंध में ये गंदी राजनीतिक भाषा बोल कर हमें मजबूर किया कि हम भाजपा का वास्तविक चेहरा समाज के सामने लाएं अन्यथा इस कोरोना जैसी महामारी के समय ये बातें मैं नहीं कहता लेकिन आपने कहा तो जवाब तो देना ही पड़ेगा।
                                                                                      बी०एम ०यादव "इसौली"
                                                                 187 विधानसभा क्षेत्र, समाजवादी पार्टी ,सुल्तानपुर! ।