राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा फसलों के अपशिष्टों को जलाना प्रतिबन्धित-जिलाधिकारी


राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा फसलों के अपशिष्टों को जलाना प्रतिबन्धित,फसल अवशेष व अन्य कृषि अपशिष्ट के जलाये जाने पर दोषी व्यक्ति से अर्थदण्ड की होगी वसूली।



    जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार ने जनपद के किसान भाईयों को अवगत कराया है कि वर्तमान समय में रबी फसलों की कटाई एवं मड़ाई का कार्य प्रारम्भ है जिसमें फसल अवशेष/अन्य कृषि अपशिष्टों के जलाये जाने के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण के नियंत्रण हेतु राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा फसलों के अपशिष्टों को जलाना प्रतिबन्धित कर दिया गया है। कृषि अपशिष्टों को जलाने वाले दोषी व्यक्तियों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के क्रम में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति हेतु अर्थदण्ड का प्राविधान किया गया है। अर्थदण्ड में कृषि भूमि के क्षेत्रफल 2 एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड 2500 रूपये प्रति घटना, 2 एकड़ से अधिक किन्तु 5 एकड़ तक होने की दशा में अर्थदण्ड 5000 रूपये प्रति घटना तथा कृषि भूमि के क्षेत्रफल 5 एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदण्ड 15000 रूपये प्रति घटना निर्धारित किया गया है। किसान भाई अपने फसलों के अवशेष को न जलाये तथा फसल अवशेषों को फसल अवशेष प्रबन्धन के कृषि यन्त्रों का प्रयोग करके उचित प्रबन्धन करें तथा मृदा के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान बचाये। फसल अवशेष को जलाने से रोकने हेतु उपजिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में सचल दल का गठन भी किया गया है जिनके द्वारा निगरानी की जा रही है। यदि कृषक/व्यक्ति फसल अवशेष/अन्य कृषि अपशिष्ट को जलाते हुये पाया जाता है अथवा सेटेलाइट के माध्यम से घटना प्रकाश में आती है तो दोषी व्यक्ति एवं सम्बन्धित कर्मचारी के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी।