संस्थापक प्रबंधक की सराहनीय पहल,तीन माह की शिक्षण व वाहन शुल्क माफ

तहसील प्रशासन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन रौजागांव से डेढ़ सौ लोंगों को लंच पैकेट वितरण-


    - अब्दुल जब्बार व मुजतबा खां


    भेलसर(अयोध्या)कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में चल रहे लॉक डाउन से अपने घरों में रह रहे गरीब निराश्रितों को आ रही परेशानी को देखते हुए तहसील प्रशासन भी मदद के लिये सक्रिय हो गया।
उपजिलाधिकारी विपिन सिंह के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक बृजेश कुमार तथा हल्का लेखपाल सत्यनारायण पाठक ने ग्राम नेवरा पहुंच कर गरीब असहायों को लंच पैकेट वितरण किया।राजस्व निरीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि करीब डेढ़ सौ लोगों को लंच पैकेट बांटे गये।राजस्व निरीक्षक ने लोगों से घरों में ही रहने तथा सोशल डिस्टेंनसिंग का पालन करने की बात कही।उपजिलाधिकारी विपिन सिंह ने बताया कि कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमंदों असहाय व्यक्तियों को प्राप्त सूचना के अनुसार शासन की तरफ से नायब तहसीलदार,कानूनगो तथा हल्का लेखपाल के माध्यम से लंच पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है।


मनीराम माधवराम एजुकेशनल ग्रुप्स बदलेपुर के संस्थापक प्रबंधक की सराहनीय पहल,तीन माह की शिक्षण व वाहन शुल्क माफ- 


     भेलसर(अयोध्या)विकास खण्ड मवई के सुदूर ग्रामीण छेत्र में स्थिति मनीराम माधवराम एजुकेशनल ग्रुप्स बदलेपुर के संस्थापक प्रबंधक कृपाशंकर पाठक ने कोरोना जैसी गंम्भीर वैश्विक महामारी को दृष्टिगत रखते हुए बहुत ही सराहनीय निर्णय लिया है।उन्होंने अपने शिक्षण संस्थान की सभी शाखाओं में अध्ययनरत बालक बालिकाओं की तीन माह की पूरी शिक्षण शुल्क और वाहन शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है।उन्होंने कहा कि जब लोग इस समय लॉक डाऊन का पालन कर घर मे बैठे है कहीं रोजी रोटी कमाने नही जा रहे है तो एक और बोझ शुल्क के रूप में डालना उचित नही है इसलिये राष्ट्र का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि जिसतरह से हो सके मैं भी संकट की इस घडी में मैं भी अभिभावकों का सहयोग करूँ।श्री पाठक द्वारा लिए गए शुल्क माफी के इस निर्णय की चहुओर प्रंशशा हो रही है उमापुर गद्दी के महंत सचिदानंद दास,प्रधान प्रतिनिधि चन्द्रामऊ बैरम माजिद खान,पूर्व प्रमुख हरिश्चंद्रपुर गद्दी के महंत अशोकदास,दिनेश प्रताप सिंह नौगवां आदि सम्मनित लोगों ने कहा कि पाठक जी के इस निर्णय से अन्य स्कूल के प्रबंधको को भी सीख लेना चाहिए और उनको भी शुल्क माफी का निर्णय लेना चाहिए जिससे कि अभिभावकों पर इस विपरीत परिस्थित में अधिक बोझ न पड़े।