सीएम योगी के गृह जिले गोरखपुर में कोराना महामारी का हमला-अजय कुमार लल्लू

     


 


सीएम के गृह जिले गोरखपुर में कोराना महामारी का हमला।
सूबे के कोरोना प्रभावित जिलों में गोरखपुर की एंट्री।
बिना साधनों के कोराना से कैसे लड़ेंगे चिकित्सक ?
250 रुपये प्रतिदिन में कैसे चलेगा प्रशिक्षु चिकित्सकों का खर्चा ?
सीएम की सुरक्षा पर सालाना होता है करोड़ों का खर्चा।
तो, क्यों नहीं बढ़ाया जाता प्रशिक्षु चिकित्सकों का मानदेय ?


 


     - वीरेन्द्र मदान

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू कहा कि सूबे में कोरोना प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। सीएम योगी का गृह जिला गोरखपुर जो कि अभी तक कोरोना से अछूता था वहां भी अब इस महामारी ने दस्तक दे दी है।
सवाल ये है कि जब मुख्यमंत्री जी अपने गृह जिले को ही महामारी की चपेट से नहीं बचा पा रहे हैं तो फिर सूबे की हिफाजत कैसे करेंगे ?
यह कहते हुए कि कोरोना से लड़ने के लिए जो संसाधन चिकित्सकों पर या सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था पर खर्च होना चाहिए वो दूसरे गैर जरूरी कामों पर खर्च हो रहे हैं। श्री लल्लू ने प्रशिक्षु चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाने के लिए बार फिर से मांग की है।
श्री लल्लू ने सवाल किया कि जब एमपी में प्रशिक्षु चिकित्सकों को हर महीने 45 हजारे रूपये, असम में 35 हजार रूपये, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में 17000 रूपये मानदेय दिया जा सकता तो फिर उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु चिकित्सकों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है ?  आखिर 250 रुपये प्रतिदिन में कैसे चलेगा प्रशिक्षु चिकित्सकों का गुजारा ?
यह बताते हुए कि 250 रुपये में तो दस किलो आलू भी नहीं खरीदा जा सकता, श्री लल्लू ने कहा कि अगर जनता के दिए हुए टैक्स के पैसे से करोड़ों रुपए सीएम की सुरक्षा पर सालाना खर्च किए जा सकते हैं तो जनता का पैसा जनता को बचाने के लिए कोरोना से लड़ रहे योद्धाओं पर भी खर्च किया जाना चाहिए।
  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मांग की है कि प्रशिक्षु चिकित्सकों को प्रति महीने कम से कम 25 हजार रूपये मानदेय मिलना चाहिए।