विधायकगण आमजन को ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ में योगदान के लिए प्रेरित करें: मुख्यमंत्री

 

     मुख्यमंत्री ने विधान सभा एवं विधान परिषद सदस्यों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की।मुख्यमंत्री की विधायकगण से ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ में विधायक निधि से 01 करोड़ रु0 प्रदान करने तथा अपना एक माह का वेतन भी फण्ड हेतु उपलब्ध कराने की अपील।कोरोना वायरस कोविड-19 वैश्विक महामारी को परास्त करने के लिए सभी को मिलकर टीम भावना से कार्य करना होगा।सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कोविड-19 को रोकने का कारगर तरीका ,राज्य सरकार प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है।‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ के माध्यम से राज्य में मेडिकल काॅलेजों तथा जिला अस्पतालों का क्षमता विस्तार किया जाएगा।अधिक से अधिक संख्या में टेस्टिंग लैब स्थापित किए जाएंगे, जिससे जनपद स्तर पर टेस्टिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।पी0पी0ई0 किट, वेण्टीलेटर्स, ट्रिपल टियर मास्क, टेलीमेडिसिन सुविधाएं आदि उपलब्ध कराने की कार्य योजना।मुख्यमंत्री की विधायकगण से साधनविहीन व ऐसे पात्र व्यक्तियों, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, को राशन कार्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील।विधायकगण से ठेला, खोमचा, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के खाते प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने में योगदान करने की मुख्यमंत्री की अपील।

 

       लखनऊ 04 अप्रैल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकगण से ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ में विधायक निधि से 01 करोड़ रुपए प्रदान करने तथा अपना एक माह का वेतन भी फण्ड हेतु उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने इस फण्ड हेतु 76 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य किया है। लेखा परीक्षा विभाग ने भी फण्ड हेतु धनराशि उपलब्ध करायी है। उन्होंने विधायकगण का आह्वान किया कि वे आमजन को भी इस फण्ड में योगदान के लिए प्रेरित करें। 

मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश के विधान सभा एवं विधान परिषद सदस्यों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 एक वैश्विक महामारी है। इसे परास्त करने के लिए सभी को मिलकर टीम भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है। इसे रोकने के लिए इसके प्रसार के कारणों के प्रति जागरूकता जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन इसको रोकने का एक कारगर तरीका है। उन्होंने आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के लिए विधायकगण से इस सम्बन्ध में अपील करने का आह्वान किया। 


      मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के विरुद्ध संघर्ष लम्बा हो सकता है। इसलिए पहले से ही सचेत होकर कार्य किए जाने की जरूरत है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद में लेवल-1, लेवल-2, लेवल-3 के अस्पताल, टेस्टिंग लैब, आइसोलेशन व क्वाॅरण्टीन वाॅर्ड उपलब्ध हों। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ की स्थापना की गई है।

       ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ के माध्यम से राज्य में मेडिकल काॅलेजों तथा जिला अस्पतालों का क्षमता विस्तार किया जाएगा। साथ ही, अधिक से अधिक संख्या में टेस्टिंग लैब स्थापित किए जाएंगे, जिससे जनपद स्तर पर टेस्टिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा, पी0पी0ई0 किट, वेण्टीलेटर्स, ट्रिपल टियर मास्क, टेलीमेडिसिन सुविधाएं आदि उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य योजना बनायी गई है।

        लाॅकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा गरीब जनता को राहत पहुंचाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के 20 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को 1000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिए जाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई है। आधे से अधिक श्रमिकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जा चुकी है। शेष खातों में भी धनराशि भेजी जा रही है। मनरेगा मजदूरों को 611 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांगजन व कुष्ठावस्था पेंशन के लाभार्थियों को 02 माह की अग्रिम पेंशन की 871 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि उनके खातों में आॅनलाइन ट्रांसफर की गई है। इससे लगभग 87 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 अप्रैल, 2020 से अन्त्योदय कार्डधारकों, मनरेगा श्रमिकों, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों तथा नगर विकास विभाग के अन्तर्गत दिहाड़ी मजदूरों को निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इस कार्य में विधायकगण से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि विधायकगण ऐसे पात्र व्यक्तियों, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है अथवा कोई साधन भी नहीं है, उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करें। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ठेला, खोमचा, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के बैंक खातों में 1000 रुपए ट्रांसफर कर राहत पहुंचाना चाहती है। किन्तु ऐसे व्यक्तियों के बैंक खाते उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने विधायकगण से अपील की कि ऐसे व्यक्तियों के खाते प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने में अपना योगदान करें। यह ध्यान रखा जाए कि लोग एकत्रित न हों। इस कार्य में यथासम्भव टेलीफोन, सोशल मीडिया आदि माध्यमों का उपयोग किया जाए। 

     प्रधानमंत्री ने 05 अप्रैल, 2020 को रात्रि 09 बजे घर की बत्तियां बुझाकर, 09 मिनट तक दिया, मोमबत्ती, टाॅर्च, मोबाइल फ्लैश लाइट आदि जलाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान घर की केवल बत्तियां बुझायी जाएं, बिजली के अन्य उपकरण चालू रखे जाएं। स्ट्रीट लाइट, हाॅस्पिटल एवं अन्य सरकारी संस्थान की बत्तियां भी इस दौरान बन्द नहीं की जाएंगी। 

      कोविड-19 की महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में 11 कमेटियां गठित की हैं। यह कमेटियां कोविड-19 पर नियंत्रण एवं लाॅकडाउन लागू करने व इस दौरान आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरन्तर कार्य कर रही हैं। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के अन्तर्गत गरीबों के लिए घोषित विभिन्न सुविधाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी इन सुविधाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 वरिष्ठ आई0ए0एस0 व 16 वरिष्ठ आई0पी0एस0 अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में निवास कर रहे प्रदेशवासियों की समस्याओं के समाधान व राहत पहुंचाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, सी0एम0 हेल्पलाइन का उपयोग गांव-गांव तक बाहर से आए लोगों को चिन्ह्ति कर क्वाॅरण्टीन कराने के लिए किया जा रहा है। यह कार्य बहुत आवश्यक है, क्योंकि कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति से पूरे क्षेत्र में संक्रमण फैल सकता है। यह कार्य ग्राम प्रधान व पार्षद आदि से सम्पर्क स्थापित कर किया जा रहा है।