अलविदा जुमा व इदुल फित्र की नमाज़े घरों में अदा करें,काजी ए शरा रूदौली ने की लोगो से अपील

      भेलसर(अयोध्या)काजी ए शरा रूदौली हज़रत मौलाना अब्दुल मुस्तफा सिद्दीकी ने अपना एक बयान जारी करते हुए कहा कि तीन दिन पहले हमें बड़ी खुशी थी कि हमारा जिला ग्रीन जोन में शामिल होने जा रहा है हमारे जिले में कोई कोरोना का मरीज नहीं था इस लिए हमने शासन प्रशासन से मांग की थी कि हम सभी लोगों को अलविदा(जुम्मा)और ईदुलफितर की नमाज़ मस्जिद में अदा करने की इजाजत दी जाए।लेकिन इधर तीन दिनों के अन्दर जिले में कई मरीज सामने आ गए जिसकी वजह से सारे अरमानों पर पानी फिर गया।अब हमारी और इलाके के सभी लोगों की जिम्मेदारियां है की हुकूमत की तरफ लागू लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करें और बिना जरूरत अपने अपने घरों से कतई बाहर न निकलें।कोई सख्त ज़रूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलते वक्त अपने चेहरे पर माक्स या गमछा बांध कर ही निकलें।


     मौलाना अब्दुल मुस्तफा ने कहा कि जिस तरह अब तक मस्जिदों को इमाम और मुअज़्ज़िन आबाद किए हुए थे उसी तरह से आबाद रखे।मस्जिदों में भीड़ न लगाएं जिस तरह से दो तीन लोग नमाज़ अदा कर रहे थे उसी तरह से मस्जिदों को आबाद रखें।मौलाना ने कहा कि हमे तो अब ऐसे आसार लग रहे हैं कि हम लोगों को अलविदा(जुम्मा)ईदुल फितर की नमाज़ भी घरों में अदा करना पड़ेगी और हुकूमत व जिला प्रशासन की तरफ से जो भी निर्देश जारी किया जाएगा हम सभी को उसका कड़ाई से पालन करना होगा।मौलाना मुस्तफा ने लोगो से अपील करते हुए कहा कि अलविदा व ईदुल फितर की नमाज़ घरों में ही अदा करें।मौलाना ने कहा कि जब चंद लोग ईदगाह या मस्जिदों में इदुल्फित्र की नमाज़ अदा करलें उसके बाद और लोग अपने अपने घरों में इदुल्फित्र की नमाज़ की जगह चार रकाअत नमाज़ चास्त की अदा करें।इदुल्फित्र की नमाज़ जमात से घरों में पढ़ने की शरीअन इजाजत नहीं है।