दायित्वों में लापरवाही बरतने पर 6 ग्राम प्रधानों को कारण बताओं नोटिस

   


        दोषी पाये जाने पर उ0प्र0 पंचायत राज अधिनियम 1947 के अंतर्गत होगी कड़ी कार्यवाही।


        सीतापुर 27 मई, जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने बताया कि जनपद के 6 ग्राम प्रधानों को कोरोना महामारी के दौरान पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें खैराबाद विकास खंड की परसेहरा कला, लहरपुर विकास खण्ड की नेरिया परसिया, बिसवां विकास खण्ड की परसेहरा एवं गोधनी सरैय्या, रेउसा विकास खण्ड की बम्भिया तथा पहला विकास खण्ड की बिरासी ग्रामसभा के प्रधान शामिल हैं।


      जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा के समय मे ग्राम प्रधानों के दायित्व निर्धारित हैं एवं इस सम्बंध में लगातार निर्देश दिये गए है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से लिये गए फीडबैक में इन प्रधानों की लापरवाही सामने आयी। 


     जिलाधिकारी श्री तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार निगरानी समिति का गठन करते हुए दिये गये निर्देशानुसार 14 बिन्दुओं पर शासन के निर्देशानुसार प्रावासियों के आगमन के सम्बन्ध में कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये थे तथा उनके आश्रय स्थल पर समुचित संसाधन उपलब्ध कराते हुए शासन के निर्देशो का पालन किये जाने के निर्देश दिये गये थे, जिसमें बाहर से आने वाले ऐसे श्रमिकों/कामगारांे को उनके घर में ही क्वारंटाईन किये जाने के निर्देश थे तथा ग्राम प्रधानों को यह भी सुनिश्चित करना था कि क्वारटाईन किये गये व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले, अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भ्रमण करें, उनकी नियमित रूप से समीक्षा की जाये कि वह मास्क लगाये है व बराबर साफ-सफाई का ध्यान रख रहे है अथवा नही एवं उनमें किसी प्रकार शारीरिक कठनाई तो नही है। कोविड-19 सम्बन्धी यदि कोई लक्षण दिखायी देते है तो तत्काल सम्बन्धित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी को अवगत कराये और यदि क्वांरटाइन किये गये व्यक्ति अनाधिकृत रूप से निर्देशो का पालन नहीं करते है और इधर-उधर घूमते है और किसी की बात नही मानते है तो ग्राम प्रधान द्वारा सम्बन्धित थानाध्यक्ष को सूचित करते हुये तथा ग्राम पंचायत के नियमित बैठक आहूत कर कोविड-19 के सम्बन्ध में ग्रामवासियों के समक्ष इसके बचाव हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी करें।


       जिलाधिकारी ने बताया कि इन ग्राम प्रधानों द्वारा अपने पदीय दायित्वो के निर्वहन में शिथिलता बरती गयी है जिस पर इन्हें नोटिस जारी किया गया है। दोषी पाये जाने पर उ0प्र0 पंचायत राज अधिनियम 1947 की सुसंगत धाराओ के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।