जाको राखे साइयां मार सके न कोई , कहावत हुई सच

     जाको राखे साइयां मार सके न कोई एक कहावत सच हुई,ताज्जुब है,लाश के साथ भी 11 घण्टे रही फिर भी निगेटिव।


     गोसाईगंज अयोध्या, कोतवाली गोसाईगंज के माना पारा गांव का मजरा मैनपुर निवासी 40 वर्षीय महिला जयंती ने सात फेरे लेते समय कदम कदम पर साथ निभाने की कसम खाई थी। मुंबई में अपने पति के साथ रह रही जयंती पल पल साथ रही। घर वापस लौटते समय रास्ते में पति की मौत होने के बाद भी 11 घंटे से ज्यादा समय तक पति के शरीर को खुद से दूर नहीं होने दिया। विज्ञान और स्वास्थ्य की भाषा में भले ही नोबेल कोरोनावायरस का संक्रमण संक्रमित के संपर्क में आने से फैलता है, माना जाता हो, लेकिन ताज्जुब है कि कोरोना पॉजिटिव पति के लाश के साथ 11 घंटे रहने के बावजूद जयंती संक्रमित नहीं हुई। वहीं गांव के लोगों ने कहा जाको राखे साइयां मार सके न कोई जब भगवान जिसको रखना चाहे तो उसे कोई मार नहीं सकता यह कहावत सच हुई गोसाईगंज मैनपुर गांव में। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ घनश्याम सिंह ने बताया कि ट्रेन में मृत विनोद कुमार के पत्नी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
     गौरतलब है कि मैनपुर गांव निवासी विनोद कुमार उपाध्याय पुत्र शिव कुमार उपाध्याय अपने पूरे परिवार के साथ मुंबई में रहता था। वह वहां इंडिया गेट के पास फोटोग्राफी कर जीवन यापन कर रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी जयंती और अयोध्या जनपद के ही इसी थाना क्षेत्र के ईसापुर गांव निवासी उनके साले पूरन का बेटा विकास भी रहता था। सोमवार को उनको श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार होकर बस्ती जिला मुख्यालय के लिए निकलना था। परिवार घर से निकला और बस पर बैठने वाली लाइन में लगा ही था कि अचानक लाइन में लगे उसके साले विकास की मौत हो गई। साले के शव को लावारिस छोड़ विनोद अपनी पत्नी के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच ट्रेन में सवार हो गया। इटारसी से झांसी के बीच में विनोद की भी मृत हो गई। बोगी के 54 यात्रियों के साथ कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर 11 घंटे ट्रेन में यात्रा करता रहा।बुधवार को सुबह 3:00 बजे ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर चारबाग जीआरपी ने लखनऊ सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को बुलाकर किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम कराया। परिवार के लोंगों ने दूसरी पहर दिलासिगंज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद मृतक की रिपोर्ट पार्टियों आए जाने के बाद हलचल मची तो प्रोटोकाल का अनुपालन शुरू हुआ।परिवार व अन्य लोगों को क्वारन्टीन किया गया।