जिलाधिकारी ने कोविड-19 के कार्यो में शिथिलता एवं लापरवाही पर लगायी कड़ी फटकार,मांगा स्पष्टीकरण


कोविड-19 के कार्यो में शिथिलता एवं लापरवाही पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को लगायी कड़ी फटकार और मांगा स्पष्टीकरण।

      प्रतापगढ़, नोवेल कोरोना वायरस के बचाव व प्रभावी रोकथाम की समीक्षा जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार द्वारा की गयी। समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कोविड-19 के सैम्पल भेजने, पाजिटिव केस की जानकारी समय पर न उपलब्ध कराने तथा पर्यवेक्षणीय कार्यो में शिथिलता एवं लापरवाही बरती जा रहे।


      17 मई 2020 को सायंकाल जनपद में मुम्बई से आये एक कामगार अमरजीत निवासी सण्ड़वा दुबान ब्लाक लक्ष्मणपुर के कोरोना पाजिटिव होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई किन्तु मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा इसकी सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध नही करायी गयी।


       थाना बाघराय ग्राम गोगौर शकरदहा निवासी बजरंग की प्रयागराज में मृत्यु होने के परिप्रेक्ष्य में भी समय से अवगत नही कराया गया तथा हॉटस्पाट क्षेत्रों में भी शिथिल पर्यवेक्षणों के कारण शिकायतें प्राप्त होती रहती है। इन प्रकरणों को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरविन्द कुमार श्रीवास्तव को कड़ी फटकार लगायी एवं स्पष्टीकरण हेतु निर्देशित किया।


 


मृतक मुन्ना लाल को समय पर एम्बुलेन्स न उपलब्ध कराने के शिकायत की जांच हेतु जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया-

      डा0 रूपेश कुमार ने अवगत कराया है कि दिनांक 17 मई 2020 को मुन्ना लाल सुत राम लखन निवासी ग्राम बहरिया, पी0एच0सी0 मानधाता से बाईक द्वारा मेडिकल कालेज प्रयागराज गये और वहां पर उनकी मृत्यु हो गयी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुये जिलाधिकारी द्वारा घटना के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न पहलुओं की सघन व विस्तृत जांच हेतु मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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