कोविड 19, होम क्वारेन्टाईन लोगों के घरो पर रखें कड़ी निगरानी : जिलाधिकारी

 


कोविड 19,प्रवासियों के आगमन को देखते हुये ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान तथा शहरी क्षेत्र में सभासद को दी गयी निगरानी समिति की जिम्मेदारी,होम क्वारेन्टाईन किये गये लोगों के घरो की पहचान के लिये चस्पा करायें नोटिस,जिलाधिकारी ने टीम-11 के अधिकारियों के साथ की बैठक एवं दिये निर्देश। 

    प्रतापगढ़, जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आज कैम्प कार्यालय सभागार में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं आमजनमानस को आवश्यक सुविधाये सुनिश्चित करने हेतु गठित टीम-11 के साथ बैठक की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी एवं समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवासियों के आगमन के पश्चात् उनकी स्क्रीनिंग करायी जायेगी, स्क्रीनिंग में किसी भी प्रकार के लक्षण पाये जाने पर इन्हें फैसेल्टी क्वारन्टाइन में रखा जाये तथा जांच करवाने के पश्चात् यदि वह संक्रमित पाया जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती करवाया जाये। जो लक्षण वाले व्यक्ति संक्रमित नही पाये जाते है उन्हें 7 दिनों तक फैसेल्टी क्वारन्टाइन में रखकर पुनः परीक्षण करवाया जायेगा। यदि सात दिनों के बाद भी वह संक्रमित नही पाया जाता है तो उन्हें अगले 14 दिनों के लिये होम क्वारन्टाइन में भेज दिया जाये। बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को 21 दिन के होम क्वारन्टाइन में भेजा जायेगा। उन्होने कहा कि प्रवासी व्यक्तियों के जनपद में स्थापित आश्रय स्थल में आगमन पर आश्रय स्थल प्रभारी द्वारा इन व्यक्तियों के नाम, पता व मोबाइल नम्बर आदि सम्पूर्ण विवरण अंकित करने हेतु अनिवार्य रूप से एक रजिस्टर बनाया जाये। इन रजिस्टर में आश्रय स्थल में आने वाले एवं आश्रय स्थल से अपने गृह निवास को अवमुक्त किये जाने वाले प्रत्येक प्रवासी का सम्पूर्ण विवरण दर्ज किया जाये। इस रजिस्टर पर इन प्रवासियों के हस्ताक्षर भी प्राप्त करवाये जाये, बिना पूर्ण विवरण प्राप्त किये किसी भी व्यक्ति को आश्रय स्थल से न जाने दिया जाये। उन्होने निर्देशित किया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले ऐसे श्रमिकों/कामगारों जिनके घरों में होम क्वारन्टाइन की व्यवस्था नही है, को इस्टीटूयशनल क्वारेन्टाईन में ही रखा जाये। श्रम प्रर्वतन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आश्रय स्थल/क्वारन्टाइन कैम्प में आने वाले व्यक्तियों का उसी आश्रय स्थल/क्वारन्टाइन कैम्प में पंजीकरण किया जाये, पंजीकरण के समय श्रमिकों के कुशल, अर्धकुशल एवं अकुशल होने का सम्पूर्ण विवरण सुरक्षित रखा जाये। 
    जिलाधिकारी ने बैठक में खण्ड विकास अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम निगरानी समिति एवं शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति का नेतृत्व ग्राम प्रधान के द्वारा किया जायेगा तथा इस समिति में आशा, आगनबाड़ी, चैकीदार, युवग मंगल दल के प्रतिनिधि तथा अन्य सदस्य होगें। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में सम्बन्धित सभासद के नेतृत्व में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया जाये। मोहल्ला निगरानी समिति में आशा, सिविल डिफेन्स, आर0डब्लू0ए0 के प्रतिनिधि, नगर निकाय के क्षेत्रीय कार्मिक तथा अन्य सदस्य होगें। जिला प्रशासन के द्वारा प्रवासियों की सूची को ग्राम सभावार/वार्डवार स्वास्थ्य विभाग/पंचायती राज/नगर विकास विभाग को इस निर्देश के साथ दी जायेगी कि वह सूची को ग्राम निगरानी समिति/मोहल्ला निगरानी समिति से साझा किया जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रवासियों द्वारा 21 दिनों की होम क्वारेन्टीन अवधि के दौरान जो सावधानियाॅ बरती जायेगें उनमें क्वारेन्टाईन किया गया परिवार इस बात को सुनिश्चित करेगा कि जहां तक सम्भव हो प्रवासी अपने घरों में पृथक कक्ष में रहेगा, क्वारेन्टाईन किया गया प्रवासी अनिवार्य रूप से मास्क/गमछा/दुपट्टा से मुंह एवं नाक को ढकेगें, हाथो को साबुन व पानी से धोने की आदत को बढ़ावा दिया जायेगा, क्वारेन्टाईन किये गये प्रवासी के घर में किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।



      जिलाधिकारी ने कहा कि क्वारेन्टाईन किये गये प्रवासी के घर के मात्र एक अन्य सदस्य को ही आवश्यक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त के लिये घर से बाहर जाने की अनुमति होगी। इस व्यक्ति के द्वारा घर से बाहर निकलने एवं वापस आने के समय हाथो को सेनीटाईज/साबुन से हाथ धोया जायेगा तथा इस बीच मास्क/गमछा/दुपट्टा का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जायेगा। निगरानी समिति के द्वारा इस कार्य हेतु लगभग 1 घण्टे की अवधि निश्चित की जायेगी। आशा के द्वारा इस परिवार में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिलायें एवं मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग जैसे रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को क्वारेन्टाइन किये गये व्यक्ति से पृथक रहने की सलाह दी जायेगी। परिवार के किसी भी सदस्य अथवा क्वारेन्टाईन किये गये प्रवासी में कोविड-19 के लक्षण प्रारम्भ होते ही इसकी सूचना आशा कार्यकत्री को तत्काल दी जायेगी जिससे आशा कार्यकत्री इसकी सूचना सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी को दी जायेगी। 


      जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि आशा, कार्यकत्री द्वारा घर के बाहर उचित स्थान पर एक होम क्वारेन्टाईन नोटिस का चस्पा कर दिया जाये जिससे उस घर के क्वारेन्टाईन के अन्तर्गत होने का संकेत मिल सके। उसके द्वारा परिवार के सदस्यों का भी उल्लेख किया जाये तथा क्वारेन्टाईन प्रारम्भ तथा समाप्त होने की तिथि न मिटने वाली स्याही इत्यादि से अंकित की जायेगी। परिवार के सदस्यों को निगरानी समिति के सदस्यों का दूरभाष संख्या उपलब्ध कराया जाये। प्रवासी के पास स्मार्ट फोने पर उसे आरोग्य सेतु एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करवाया जाये। आशा कार्यकत्री द्वारा प्रत्येक क्वारेन्टाईन किये गये घरों में तीन दिन में एक बार अनिवार्य रूप से भ्रमण कर परिवारीजनों में खांसी, बुखार एवं सांस लेने में कठिनाई के लक्षण के प्रकट होने के सम्बन्ध में जानकारी ली जायेगी। यदि परिवार द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो पड़ोसियों अथवा ग्राम प्रधान के द्वारा जिला प्रशासन को कार्यवाही हेतु सूचित किया जाये। एक बार से अधिक उल्लंघन करने वाले प्रवासी को फेसिलिटी क्वारेन्टाइन में भेज दिया जाये।


      जिलाधिकारी ने बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा बताया गया कि पेयजल के सम्बन्ध में ग्राम पंचायतों में 3635 हैण्डपम्पों की मरम्मत करायी गयी। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाबों में पानी भरवाया जाये जिससे पशु, पक्षियों को गर्मी के मौसम में पानी पीने की दिक्कत न हो। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि 7 हजार कुन्तल भूसे को 54 गोदामों में गोशालाओं हेतु संरक्षित कर लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद में चल रही गोशालाओं का पशु चिकित्साधिकारी नियमित निरीक्षण कर उनके स्वास्थ्य, भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 अमित पाल शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव, उपजिलाधिकारी सदर मोहन लाल गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी विजय कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।