कोविड-19 से संबंधित इलाज एवं बचाव के सम्बन्ध में प्रशिक्षित नोडल/चिकित्सकों के साथ जिलाधिकारीने की बैठक

    अयोध्या, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने शासन की मंशा अनुसार एवं  कोविड-19 के प्रसार के रोकथाम एवं बचाव के साथ-साथ जनपद की जनता को बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रथम चरण में चिन्हित 18 निजी चिकित्सालयों के प्रशिक्षित नोडल/चिकित्सकों के साथ बैठक की। 


   बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा जारी नए गाइडलाइन के अनुसार क्रमवार सभी प्राइवेट चिकित्सालयों को चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए सभी निजी चिकित्सालयों के नोडल/ चिकित्सकों के साथ क्रमवार बैठक की जाएगी तथा चिकित्सालयों के डॉक्टरों एवं स्टाफ को कोविड-19 से संबंधित इलाज एवं बचाव का प्रशिक्षण प्रदान कर अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों, पीपीई किट व अन्य चिकित्सीय सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए क्रमवार चिकित्सा सुविधाएं प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।


     बैठक में जिलाधिकारी ने चिन्हित एवं प्रशिक्षित निजी चिकित्सालयों के नोडल/चिकित्सकों को सामाजिक दूरी तथा भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंफेक्शन प्रीवेंशन एंड कंट्रोल प्रोटोकोल क्यों s.o.p. का कड़ाई से पालन करते हुए जनपद के सभी नागरिकों को चिकित्सीय सुविधा देने का निर्देश दिया।


   जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अन्य चिकित्सकों/निजी चिकित्सालयों को शासन द्वारा जारी इंफेक्शन प्रीवेंशन एंड प्रोटोकॉल एवं s.o.p. के प्रशिक्षण उपरांत लखनऊ का कड़ाई से पालन करते हुए आम जनता को चिकित्सीय सुविधा देने हेतु अनुमति प्रदान की जाएगी।


    उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में आने वाले समस्त मरीजों कि प्रथम दृष्टया स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी और यदि मरीज करुणा का संदिग्ध प्रतीत होगा तो उसे अविलंब चिन्हित कोविड एल-1 अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा एवं चिन्हित L2 अस्पताल मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर को संदर्भित कर दिया जाए उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का पूर्ण विवरण (यात्रा सहित) अवश्य दर्ज किया जाए।  


    चिन्हित सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शासन के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन भी सुनिश्चित हो। जिलाधिकारी ने कहा  कि हमारा उद्देश्य  कोविड-19 से  बचाव को ध्यान में रखते हुए  लॉक डाउन का कड़ाई से अनुपालन  सुनिश्चित  कराते हुए  सभी मरीजों को  बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।


    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जयेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह सहित आम जनता को इमरजेंसी चिकित्सीय  सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने हेतु चिन्हित सभी 18  चिकित्सालयोन के नोडल/चिकित्सक उपस्थित थे।