मुख्यमंत्री ने ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गये ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया 

 

   यह एप यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के सहयोग से विकसित।एप का उद्देश्य प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं उनके कौशल के लायक नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग के लिए डेटा कलेक्शन करना।

 

     लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लोक भवन में राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गये ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया। यह एप यू0एन0डी0पी0 (यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम) के सहयोग से विकसित किया गया है।इस एप का उद्देश्य अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग करने हेतु इन प्रवासी नागरिकों का डेटा कलेक्शन करना है। सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस मंे सूचना का आदान-प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका हेतु नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी।

 

      इस एप के द्वारा, आश्रय केन्द्र में रुके हुए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जायेगा ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाले कोई भी प्रवासी छूट न पाए। एप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे कि नाम, शैक्षिक योग्यता, अनुभव, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, कोविड-19 सम्बन्धी स्क्रीनिंग की स्थिति, 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जायेगा। अन्य राज्यों से प्रदेश में आ रहे प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी एप में दर्ज की जायेगी।

 

      इस एप मे डाटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिये यूनीक मोबाइल नम्बर को आधार बनाया जायेगा। इस एप की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इसमें आॅनलाइन के साथ-साथ आॅफलाइन भी काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रभावी निर्णय लेने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के डेटा को भी एप में अलग-अलग किया जा सकता है।

 

     डेटा संग्रह का कार्य शीघ्र सम्पादित हो सके, इसके लिये विकेन्द्रीकृत स्तर पर यथा आश्रय स्थल, ट्रांजिट पाॅइंट, व्यक्ति के निवास स्थान पर डेटा संग्रह किया जायेगा। जिलाधिकारी के नेतृत्व में डेटा संग्रह की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग/नगर निकाय की तथा ग्रामीण क्षेत्र में सी0डी0ओ0/पंचायती राज विभाग की होगी। एप के माध्यम से संग्रहित डेटा को राज्य स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड इन्फाॅर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम ;ूूूण्तंींजनचण्पदद्ध पर स्टोर किया जायेगा तथा इसका विश्लेषण कर प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग किया जायेगा।

 

      इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व  रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद  निवेदित शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज  मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक  शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।