मुख्यमंत्री ने ‘उ0प्र0 स्टार्ट-अप फण्ड’ का किया शुभारम्भ

         मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य सरकार तथा सिडबी के साथ स्टार्ट-अप फण्ड की स्थापना के लिए एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान।मुख्यमंत्री ने सिडबी के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक को प्रथम किश्त के रूप में 15 करोड़ रु0 की धनराशि का चेक को सौंपा।उ0प्र0 देश में स्टार्ट-अप फण्ड स्थापित करने वाला पहला राज्य,प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा मिला।

       प्रधानमंत्री जी का मानना है कि देश के युवा जाॅब क्रियेटर बनें,उ0प्र0 स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए असीम सम्भावनाओं वाला राज्य,प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार करोड़ रु0 से ‘उ0प्र0 स्टार्ट-अप फण्ड’ की स्थापना निर्धारित की गयी।

       प्रदेश में इस समय 18 इन्क्यूबेटर्स एवं 1800 से अधिक स्टार्ट-अप्स कार्यरत,स्टार्ट-अप के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य-प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को वर्ष 2018 में स्टेट स्टार्ट-अप रैंकिंग के अन्तर्गत ’एस्पायरिंग लीडर’ के रूप में सम्मानित किया गया।


 


        लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति-2017 के अन्तर्गत ‘उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप फण्ड’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में राज्य सरकार तथा सिडबी के साथ स्टार्ट-अप फण्ड की स्थापना के लिए एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री जी ने सिडबी के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक को प्रथम किश्त के रूप में 15 करोड़ रुपये की धनराशि का चेक प्रदान किया। 

 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा मिला हैं। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि देश के युवा जाॅब क्रियेटर बनें। उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए असीम सम्भावनाओं वाला राज्य है। यहां प्रत्येक सेक्टर यथा कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, आई0टी0, एम0एस0एम0ई0 आदि के दृष्टिगत कार्य किये जाने की आवश्यकता है। इसके माध्यम से हम बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।


 

      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार अच्छे कार्याें को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्वरित निर्णय ले रही है। उत्तर प्रदेश देश में स्टार्ट-अप फण्ड स्थापित करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं के अभिनव विचारों को साकार करने के लिए ‘स्टार्ट-अप इण्डिया’ ‘स्टैण्ड-अप इण्डिया’ तथा ‘मेक इन इण्डिया’ जैसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना अत्यन्त आवश्यक है। प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार करोड़ रुपये से ‘उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप फण्ड’ की स्थापना निर्धारित की गयी है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा ‘उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति-2017’ में विभिन्न व्यवस्थाएं की गयी हैं। 

 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों प्रदेश सरकार द्वारा आनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के अवसर पर 56 हजार 754 उद्यमियों को 2 हजार 2 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण आॅनलाइन वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक/कामगार आ रहे हैं। उनको रोजगार देकर देश व प्रदेश उनकी प्रतिभा का लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्टार्ट-अप कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए तथा प्रदेश के विकास को गति देने का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप्स एवं इन्क्यूबेटर्स की स्थापना तथा इसके अनुकूल ईको सिस्टम के सृजन के लिए हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगी।

 

     भारत सरकार की ही भांति उत्तर प्रदेश द्वारा भी प्रदेश में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित स्टार्ट-अप फण्ड आरम्भ किया गया है, जोकि अपनी तरह से किसी राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जाने वाला पहला फण्ड है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश के सबसे बड़े इन्क्यूबेटर सेण्टर की स्थापना तथा राज्य के प्रत्येक जनपद में कम से कम एक इन्क्यूबेटर की स्थापना किए जाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप फण्ड के माध्यम से राज्य में स्थापित सभी क्षेत्रों के स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु प्राविधान किया गया है। यह सहायता उत्तर प्रदेश में पंजीकृत स्टार्ट-अप्स के लिए होगी। उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप फण्ड 12 वर्ष की अवधि हेतु मान्य होगा।


 

      उत्तर प्रदेश में वर्तमान में संचालित सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति-2017 में स्टार्ट-अप्स के लिए मेण्टरशिप, इन्क्यूबेशन, एक वर्ष तक मासिक भरण-पोषण भत्ते, प्रोटोटाइपिंग की सहायता, पेटेण्ट फाइलिंग की सहायता, विपणन/व्यवसायीकरण सहायता के अतिरिक्त इन्क्यूबेटर्स के लिए तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजीगत सहायता और परिचालन व्ययों से होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति किये जाने का प्राविधान है। प्रदेश में इस समय 18 इन्क्यूबेटर्स एवं 1800 से अधिक स्टार्ट-अप्स कार्यरत हैं।  प्रदेश के सभी मण्डलों में इन्क्यूबेटर्स की स्थापना प्रस्तावित हैं। स्टार्ट-अप के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य-प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को वर्ष 2018 में स्टेट स्टार्ट-अप रैंकिंग के अन्तर्गत ’एस्पायरिंग लीडर’ के रूप में सम्मानित किया गया है।

 

      उत्तर प्रदेश में स्टार्ट-अप ईको सिस्टम के विकास के लिए यूपी इलेक्ट्राॅनिक्स कारपोरेशन नोडल संस्था है एवं तत्सम्बन्धी कार्यकलाप निगम द्वारा किए जायेंगे। स्टार्टअप कार्यक्रम में एम0एस0एम0ई0 विभाग के अतिरिक्त प्राविधिक शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, कृषि, परिवहन, ग्राम्य विकास तथा नगर विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स राज्य मंत्री अजीत पाल सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स आलोक कुमार, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास  राधा एस0 चैहान, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक सिडबी मो0 मुस्तफा, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।