प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण नियमावली का कठोरता से पालन हो - शिवपाल यादव


       कोई भी चयन प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए सुलभ, पारदर्शी व निष्पक्ष हो।भर्ती प्रक्रिया को शुरू हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, बहुत से अभ्यर्थियों के फोन नंबर, पते, ईमेल आदि बदल गए हैं।अभ्यर्थियों को मिले अद्यतन जानकारी के संशोधन का अवसर।


       लखनऊ,  प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा विभाग में हो रही 69,000 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण नियमावली का कठोरता से पालन होना चाहिए।


     उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत तथा पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत प्राप्तांक के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा 69000 पदों पर अंतिम रूप से मेरिट के आधार पर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए चयन होना चाहिए। आरक्षण नीति के अनुसार उच्च मेरिट वाले अभ्यर्थियों की गणना सामान्य श्रेणी में की जाती है भले वह पिछड़े वर्ग अथवा अनुसूचित वर्ग के हों। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में इस नियम की अवहेलना नहीं होनी चाहिए।
      उन्होंने कहा कि कोई भी चयन प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए सुलभ, पारदर्शी व निष्पक्ष होनी चाहिए।  
इसके साथ ही क्योंकि भर्ती प्रक्रिया को शुरू हुए 2 वर्ष बीत चुके हैं, बहुत से अभ्यर्थियों के फोन नंबर, पते ईमेल आदि बदल गए हैं, ऐसे में उन्हें अपनी अद्यतन जानकारी के संशोधन का अवसर भी दिया जाना चाहिए।


       शिवपाल यादव ने कहा कि परीक्षा संपन्न कराने वाली विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रश्न पत्रों से लेकर उत्तर कुंजिकाओं तक में गड़बड़ी होती है, और इन संस्थाओं को संशोधन का अवसर मिलता है। शिवपाल यादव ने कहा कि अगर संस्थाओं को संशोधन का अवसर दिया जाता है तो अभ्यर्थियों को क्यों नहीं।