समस्त मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं पी.आर.वी-112 वाहन द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए: मुख्य सचिव


    अन्य प्रदेशों से पैदल आ रहे प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों एवं कामगारों व अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा एवं कोविड-19 के प्रभावी रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाहियां सुनिश्चित कराई जाएं।प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा प्रवासी व्यक्तियों से सम्मानजनक एवं सह्रदयता से व्यवहार किया जाए।प्रदेश में बाहर से आने वाले प्रवासियों हेतु समुचित भोजन,पीने के ताजे पानी एवं उचित स्थान पर पण्डाल तथा उद्घोषणा हेतु लाउडस्पीकर की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।प्रदेश में प्रवेश के स्थान पर पर्याप्त बसों की व्यवस्था एवं
प्रत्येक जिले में कम से कम 200 निजी बसें व स्कूल बसों को प्रवासियों के आगमन हेतु आरक्षित रखा जाए,
प्रदेश में प्रवासियों को पैदल अथवा अन्य असुरक्षित वाहनों- टू-व्हीलर्स,थ्री-व्हीलर्स से यात्रा न करनी पड़े इस हेतु बसों अथवा ट्रेनों से ले जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति पर्याप्त सुरक्षा सामग्री यथा-मास्क,ग्लब्स, सैनिटाइजर का प्रयोग अवश्य करें मुख्य सचिव ने परिपत्र के माध्यम से दिए निर्देश।

        लखनऊ,  मुख्य सचिव  ने निर्देश दिए लाॅक डाउन की अवधि में अन्य प्रदेशों से पैदल आ रहे प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों एवं कामगारों व अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा एवं कोविड-19 के प्रभावी रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाहियां सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा प्रवासी व्यक्तियों से सम्मानजनक एवं सह्रदयता से व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहर से आने वाले प्रवासियों हेतु समुचित भोजन, पीने के ताजे पानी एवं उचित स्थान पर पण्डाल तथा उद्घोषणा हेतु लाउडस्पीकर की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।


        मुख्य सचिव ने यह निर्देश परिपत्र के माध्यम समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्त लखनऊ एवं गौतमबुद्धनगर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों को दिए। उन्होंने शेल्टर एवं क्वारंटीन होम में खाना, पानी, शौचालय व साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था कराये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में प्रवेश के स्थान पर पर्याप्त बसों की व्यवस्था एवं प्रत्येक जिले में कम से कम 200 निजी बसें व स्कूल बसों को प्रवासियों के आगमन हेतु आरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रवासियों को पैदल अथवा अन्य असुरक्षित वाहनों- टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स से यात्रा न करनी पड़े इस हेतु बसों अथवा ट्रेनों से ले जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।


        श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि होम क्वारंटीन में स्थित व्यक्तियों की निगरानी हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निगरानी समितियां पूरी तरह से सक्रिय रहें तथा जिलाधिकारियों द्वारा इसकी प्रतिदिन समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि समस्त मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं पी.आर.वी-112 वाहन द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति पर्याप्त सुरक्षा सामग्री यथा-मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर का प्रयोग अवश्य करें।