सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्टिंग, संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों को जनता से साझा करेःप्रियंका गांधी

 यूपी सरकार तत्काल कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों के आंकड़े पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेःवीरेंद्र चौधरी


      लखनऊ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जारी बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना से पीड़ित लोगों का आंकड़ा छुपा रहे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने भी यूपी सरकार पर सवाल उठाया है और ट्वीट किया है।  

जारी प्रेसनोट में प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की जनता के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। प्रदेश की जनता का जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में योगी आदित्यनाथ साफ साफ कह रहे हैं कि महाराष्ट्र से आने वाले 75 फीसदी और 50 प्रतिशत दिल्ली से आने वाले लोग कोरोना से पीड़ित हैं। मुख्यमंत्री ने साफ साफ कहा है कि छोटे राज्यों से आने वाले 25 प्रतिशत लोग कोरोना महामारी से संक्रमित हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी को यह आंकड़े कहाँ से मिले? इसमें कितनी सच्चाई है। अगर यह सही है तो प्रदेश सरकार आंकड़े क्यों छिपा रही है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों के आंकड़े पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके लिखा है कि-

उप्र के मुख्यमंत्री जी का ये बयान सुना।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 25 लाख लोग यूपी वापस आ चुके हैं।

मुख्यमंत्रीजी के बयान के आधार पर इनमें से महाराष्ट्र से लौटे हुए 75ः, दिल्ली से लौटे हुए 50ः और अन्य प्रदेशों से लौटे 25ः लोग कोरोना से संक्रमित हैं। क्या मुख्यमंत्री जी का मतलब है कि उप्र में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आँकड़े तो संक्रमण की संख्या 6228 बता रहे हैं।

उनके द्वारा बताए गए संक्रमण के आँकड़े का आधार क्या है? लौटे हुए प्रवासियों में संक्रमण का ये प्रतिशत आया कहाँ से?

क्या मुख्यमंत्री जी का मतलब है कि उप्र में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आँकड़े तो संक्रमण की संख्या 6228 बता रहे हैं।’

’उनके द्वारा बताए गए संक्रमण के आँकड़े का आधार क्या है? लौटे हुए प्रवासियों में संक्रमण का ये प्रतिशत आया कहाँ से?

और यदि ऐसा है तो इतने कम टेस्ट क्यों हो रहे हैं?

या ये आँकड़े उप्र सरकार के अन्य आँकड़ों की तरह ही अप्रमाणित और गैर जिम्मेदार हैं?

अगर मुख्यमंत्री जी के बयान में सच्चाई है तो सरकार  पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्टिंग, संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों को जनता से साझा करे और यह भी बताए कि संक्रमण पर काबू पाने की क्या तैयारी है?