स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों से निपटने के लिए नये शोध की आवश्यकता: मुख्यमंत्री

 



     मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड आॅटोमेटिक कोविड-19 डायग्नोस्टिक टूल लाॅन्च किया।

 

 

     मेडिकल संस्थान ऐसी डिवाइसेज़ विकसित करें, जो रोगों की पहचान व उपचार में मददगार साबित हों।चिकित्सा के क्षेत्र में कोरोना, ए0ई0, डेंगी, स्वाइन फ्लू इत्यादि के वैक्सीन विकसित करने के लिए गहन शोध की आवश्यकता।किसी भी मरीज की बिना सम्पर्क के जांच करने से सम्बन्धित मल्टिपिल डिवाइसेज़ विकसित करना आज की आवश्यकता। चिकित्सा क्षेत्र के शोधकर्ता विभिन्न डिवाइसेज़ को जोड़कर एक संयुक्त डिवाइस विकसित करने पर कार्य करें।

 


        लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड आॅटोमेटिक कोविड-19 डायग्नोस्टिक टूल लाॅन्च किया। इसके तहत एक्स-रे चेस्ट इमेजेज़ की कोविड-19 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड प्री-स्क्रीनिंग की जाती है, जिससे मरीज में इस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों से निपटने के लिए नये शोध की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण सम्पूर्ण विश्व के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों के दृष्टिगत तकनीकी और मेडिकल संस्थानों के लिए यह अवसर है कि वे ऐसी डिवाइसेज़ विकसित करें, जो रोगों की पहचान व उपचार में मददगार साबित हों। 

 

     मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में कोरोना, ए0ई0, डेंगी, स्वाइन फ्लू इत्यादि के वैक्सीन विकसित करने के लिए गहन शोध की आवश्यकता है। उन्होंने किसी भी मरीज की बिना सम्पर्क के जांच करने से सम्बन्धित मल्टिपिल डिवाइसेज़ विकसित करना आज की आवश्यकता है। आॅक्सीमीटर, थर्मामीटर इत्यादि जैसे विभिन्न उपकरणों को शामिल करते हुए एक मल्टी मोडल डिवाइस की आवश्यकता भविष्य में महसूस की जाएगी। अतः चिकित्सा क्षेत्र के शोधकर्ताओं को विभिन्न डिवाइसेज़ को जोड़कर एक संयुक्त डिवाइस विकसित करने पर कार्य करना चाहिए। 

 

     मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड आॅटोमेटिक कोविड-19 डायग्नोस्टिक टूल के सम्बन्ध में कहा कि यह डिवाइस कोरोना से लड़ने में सहायक साबित हो सकती है। यह एक अच्छा प्रयास है। इसमें लोगों को अलर्ट देने की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को विभिन्न अस्पतालों में मरीजों के चेस्ट के डिजिटल एक्स-रे इस टूल में उपयोग हेतु शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

 

     इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने इस टूल के सम्बन्ध में विस्तृृत प्रस्तुतीकरण देखा। आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस पर आधारित यह टूल डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, किंग जाॅर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, गवर्नमेण्ट मेडिकल काॅलेज, कोटा राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी आॅफ मेडिकल साइंसेज़, सैफई, इटावा के संयुक्त प्रयासों से विकसित किया गया है। ए0के0टी0यू0 के सेण्टर फाॅर एडवांस्ड डीप लर्निंग एण्ड आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस फाॅर बायो मेडिकल इंजीनियरिंग एण्ड रिसर्च ने ए0के0टी0यू0 के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर प्रो0 एम0के0 दत्ता के नेतृत्व में के0जी0एम0यू0, गवर्नमेण्ट मेडिकल काॅलेज, कोटा राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी आॅफ मेडिकल साइंसेज़, सैफई, इटावा जैसे चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर इस टूल को विकसित किया है। 

 

       प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री को इस टूल की मेथोडोलाॅजी के विषय में विस्तार से अवगत कराया गया, जिसमें कलेक्शन आॅफ इमेजेज़, सेग्रीगेशन आॅफ अनवाॅन्टेड इमेजेज़, इमेज आॅगमेन्टेशन, इमेज एनोटेशन, इमेज डेटासेट विथ एनोटेशन, डिवीजन आॅफ डेटासेट इन ट्रेनिंग एण्ड वैलिडेशन सेट, ट्रेनिंग तथा टेªण्ड मशीन लर्निंग माॅडल शामिल हंै। 

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, के0जी0एम0यू0 के वी0सी0  एम0एल0बी0 भट््ट, ए0के0टी0यू0 के वी0सी0  विनय कुमार पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।