वृक्षारोपण राष्ट्रीय हरितक्रान्ति का अनिवार्य पहलू :डा0 रूपेश कुमार


 जिलाधिकारी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कैम्प कार्यालय परिसर में किया वृक्षारोपण वृक्षारोपण राष्ट्रीय हरितक्रान्ति का एक अनिवार्य पहलू है। 

  हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस को मनाए जाने के पीछे उद्देश्य है ,पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सन 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। 05 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई। यहां 1972 में पहली बार पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था।हर साल पर्यावरण दिवस की एक थीम डिसाइड की जाती है। इस साल मनाया जाने वाला पर्यावरण दिवस पिछले सालों से अलग होगा। इस वर्ष लॅाकडाउन की वजह से काफी मात्रा में प्रदूषण कम हो गया है। पिछले वर्षों तक जहां हम पर्यावण को लेकर अधिक चिंता में थे इस साल हमारी चिंताएं थोड़ा कम है क्योंकि वातावरण शुद्ध हो गया है। इसलिए इस बार का पर्यावरण दिवस पिछले वर्षों से अलग है। 


        इस वर्ष  पर्यावरण दिवस का थीम है  "टाइम फॉर नेचर" अर्थात प्रकृति के लिए समय और बायोडायवर्सिटी।  इसके माध्यम से  जीवन के लिए जैव विविधताओं के महत्व पर ध्यान केंद्रित करना है। हमारे  लगातार दोहन से प्रकृति की स्थिति लगातार ख़राब हुई है, ऐसे में हमें कुछ ऐसे तरीके अपनाने चाहिए, जिससे हम पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे सकें। हम आज कुछ तरीके बताएँगे कि आप कैसे पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। 


      विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज कैम्प कार्यालय के परिसर में जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे देश भारत की संस्कृति एवं सभ्यता वनों में ही पल्लवित तथा विकसित हुई है, वृक्षारोपण से प्रकृति का संतुलन बना रहता है, वृक्षारोपण मानव समाज का सांस्कृतिक दायित्व भी है क्योंकि वृक्षारोपण हमारे जीवन को सुखी संतुलित बनाये रखता है तथा हमारे जीवन में राहत और सुखचैन प्रदान करता है। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण राष्ट्रीय हरितक्रान्ति का एक अनिवार्य पहलू है।



      पेड़ पर्यावरण का एक अनिवार्य हिस्सा है, धरती पर पेड़ों और पौधों के अस्तित्व के बिना मनुष्य और जानवरों की अन्य प्रजातियों का अस्तित्व सम्भव नही है। हरा-भरा एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिये वृक्ष लगाये जाने की जरूरत है, हम सब लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण के साथ उसको संरक्षित करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिये।



       उन्होने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में वृक्ष मदद करते है, ये हवा को शुद्ध करते है, पानी को संरक्षित करते है, जलवायु नियंत्रण में मदद करते है, मिट्टी की शक्ति को बरकरार रखते है और कई अन्य तरीको से समग्र पर्यावरण को लाभ पहुॅंचाते है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य ने भी अपने परिवार के साथ आवास पर वृक्षारोपण किया तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की।