अखिलेश यादव ने आज वीडियों कालिंग सिस्टम से किया संवाद


     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज वीडियों कालिंग सिस्टम से प्रदेश में अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद कर उनसे क्षेत्रीय स्थिति की जानकारी ली। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सघन सम्पर्क और उनकी सक्रियता की मुहिम के अंतर्गत श्री अखिलेश यादव ने आज एक बार फिर समाजवादी पार्टी द्वारा वीडियों कालिंग परलखनऊ से संवाद किया। इससे पूर्व वे वाट्सअप ऐप से वार्ता कर चुके हैं। उन्होंने पार्टी संगठन, किसानों, श्रमिकों की दशा के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही श्री यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कोरोना संकट में पीड़ितों की मदद करने, उनको राहत पहुंचाने का काम करते रहने को कहा। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के साथ राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष  नरेश उत्तम पटेल एवं  एसआरएस यादव एम.एल.सी. भी मौजूद रहे।
       अखिलेश यादव के वीडियों कालिंग से संवाद की शुरूआत आज अयोध्या के पूर्व विधायक एवं पूर्वमंत्री  पवन पाण्डेय से हुई इस अवसर पर उपस्थित अयोध्या में श्री हनुमान गढ़ी के महन्त कल्याणदास जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया। महन्त जी ने अखिलेश यादव को 2022 में मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की तथा उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में राज्य और अयोध्या में हुए विकास की भी चर्चा की।


       जनपद गोण्डा में पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह से जब राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने सम्पर्क किया तब वह सेक्टर प्रभारियों की बैठक ले रहे थे। श्री अखिलेश यादव से जिलाध्यक्ष फहीम अहमद, विधानसभा कर्नेलगंज अध्यक्ष  जगपाल सिंह, ब्लाक प्रमुख प्रवीण भट्ट एवं धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, ब्लाक अध्यक्ष कैलाश पाण्डेय एवं दीपक पाठक, निवर्तमान लोहिया वाहिनी अध्यक्ष  हेमंत सिंह के अतिरिक्त गणेश पाण्डेय, चंद्रेश प्रताप सिंह, मो0 यूनुस तथा चंद्रभानु उपाध्याय का भी परिचय तथा संवाद हुआ। दर्जनों कार्यकर्ता वहां उपस्थित थे। श्री यादव ने सेक्टर प्रभारियों का भी परिचय प्राप्त किया और सभी से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने तथा जनता की परेशानियों में उनके साथ खड़े होने के लिए निर्देशित किया।
        कानपुर में सौरभ के बाद अखिलेश यादव ने गांव नंगला, तेजू जनपद कन्नौज के प्रधान सत्येन्द्र के बेटे से बात की। उन्होंने इस मौके पर अपनी झोपड़ी और भैंस भी दिखाई। चंदौली में गुरू प्रकाश और बलिराम कार्यकर्ताओं की मीटिंग करते मिले उनसे पार्टी संगठन को मजबूती देने पर चर्चा हुई।


      अखिलेश यादवने गांवों में स्वच्छता, प्रवासी श्रमिकों के आने के बाद की स्थिति, बेरोजगारी और गरीबों तथा अल्पसंख्यकों को पेश आ रही दिक्कतों के बारे में भी जानकारी ली।


          अखिलेश यादव ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं से सम्पर्क और संवाद के लिए पहले वाट्सअप ऐप और आज वीडियों कालिंग का माध्यम चुना जो सस्ता और सुविधा जनक आधुनिक तरीका है। इसके विपरीत अपने धनबल और सत्ता बल के दम्भ में डूबी भाजपा ने बिहार में आयोजित वर्चुअल रैली पर 150 करोड़ खर्च किए। इस रैली में 72000 एलईडी स्क्रीन लगाई गई। अब पश्चिम बंगाल में भी महारिकार्ड बनाने वाली एक खर्चुअल रैली या वर्चुअल रैली पर अरबों का खर्च है। यह लोकतंत्र में स्वस्थ परम्परा को आहत करता है तथा विपक्षी दलों का मनोबल गिराने की साजिश है। दावा ये है कि ये चुनावी रैलियां नहीं है तो फिर बूथस्तर तक इन्हें पहुंचाने के प्रयास क्यों? दरअसल भाजपा झूठ का विश्वरिकार्ड बना रही है।  
 


        अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सन् 2022 के चुनाव की तैयारियों में कहीं ढील न आने दें। बूथस्तर पर संगठन को मजबूत करें। भाजपा सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी के बाद लाॅकडाउन से जनता को जितना परेशान किया है, उसकी लोगों से चर्चा करते रहे। कोरोना संकट में भी भाजपा ने अपनी द्वेषपूर्ण राजनीति से समाजवादी कार्यकर्ताओं को पहले तो गरीबों, श्रमिकों की मदद करने से रोका फिर उनके खिलाफ मुकदमें भी दर्ज करा दिए। जनता की तबाही की यह कहानी जन-जन, घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने संकट काल में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा राहत कार्य करने पर उन्हें धन्यवाद दिया।