भूमि विवाद के प्रकरणों के निस्तारण हेतु तहसील एवं थाना स्तरीय टीम गठित:जिलाधिकारी



       प्रतापगढ़, जिलाधिकारी ने डा0 रूपेश कुमार ने अवगत कराया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश विवाद कृषि योग्य भूमि तथा आबादी, ग्रामसभा तालाब एवं सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जे व भूमि पर स्वामित्व/अनधिकृत कब्जे से सम्बन्धित होते है। साथ ही कतिपय अवसरों पर दबंग व्यक्तियों द्वारा भूमि पर जबरन कब्जा करने एवं भूमि स्वामियों/कब्जेदारों को उत्पीड़ित करने की घटनायें प्रकाशमान होती है। इन विवादों का ससमय एवं सम्यक् समाधान न हो पाने के कारण अनेक अवसरों पर भूमि विवाद बढ़कर हिंसात्मक रूप धारण कर लेते है और विधि व्यवस्था के लिये अहितकर स्थिति उत्पन्न होती है। यदि ऐसे विवादों का स्थानीय स्तर पर पक्षों को सुनकर सक्षम स्तर से उनका प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण कर दिया जाये तो बड़ी घटनाओं को घटित होने से रोका जा सकता हैं।


    भूमि विवाद उत्पन्न होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस एवं राजस्व के अधिकारी/कर्मचारी मौके पर पहुॅच कर सजगता से कार्य करें और गम्भीर प्रकरणों में 107/116 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्यवाही भी तत्परता से कर दी जाये। 


     जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के प्रकरणों के निस्तारण हेतु जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), अपर जिलाधिकारी (भू0-रा0) तथा अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) की टीम गठित की है। इसी प्रकार तहसील स्तर पर सम्बन्धित तहसील के उपजिला मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, सर्किल के क्षेत्राधिकारी एवं थाने के प्रभारी की टीम गठित है और थाना स्तर पर सम्बन्धित तहसील के नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक/लेखपाल एवं थाने के एस0आई0/बीट सिपाही की टीम गठित की गयी है। जिलाधिकारी ने कहा है कि भूमि विवाद सम्बन्धी मामलों के निपटारे में विवाद होने की स्थिति मे ंराजस्व कर्मियों के साथ दो आरक्षी जायेगें और गम्भीर विवाद की स्थिति में एक उपनिरीक्षक मौके पर राजस्व कर्मियों के साथ जायेगें।


      गठित टीम द्वारा विभिन्न स्तरों से प्राप्त होने वाली शिकायतें अथवा तहसील या थाने पर उपलब्ध सन्दर्भ/शिकायत रजिस्टर से शिकायतों को छॉटकर एवं आपसी रंजिश सम्बन्धी प्रकरणों के परिप्रेक्ष्य में अभिसूचनायें संकलित कर प्राप्त संसूचनाओं की सघन जांच एवं विश्लेषण के उपरान्त ऐसे प्रकरणों को चिन्हित एवं सूचीबद्ध करते हुये गठित संयुक्त टीम द्वारा निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।


     गठित टीम के पुलिस एवं राजस्व अधिकारी/कर्मचारी आपस में समन्वय कर विवादों/समस्याओं का निष्पक्षता के साथ गुणवत्तापरक, पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करेगें। किसी प्रकरण के निस्ताण में कोई विशेष समस्या आ रही है अथवा अपरिहार्य परिस्थिति में सम्बन्धित राजस्व/पुलिस कर्मी के स्तर से निस्तारण सम्भव न हो तो उससे तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुये प्रकरण का निस्तारण सुनिश्चत करायेगें। 


      जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी/तहसीलदार को निर्देशित किया है कि अपने तहसील के क्षेत्रान्तर्गत यह सुनिश्चित करेगें कि क्षेत्रीय लेखपाल अनिवार्य रूप से अपने-अपने क्षेत्र में प्रत्येक समय बने रहे और क्षेत्र में घटित होने वाली घटनाओं यथा आगलगी, कोविड-19 व अन्य संक्रामक रोग, भरण-पोषणहीन व्यक्तियों व पेयजल की उपलब्धता एवं क्षेत्र की संवेदनशीलता तथा भूमि विवाद आदि के सम्बन्ध में समय-समय पर जानकारी प्राप्त करते हुये उस पर तत्परता के साथ कार्यवाही करें।


    भूमि विवाद सम्बन्धी प्राप्त शिकायतों एवं चिन्हित प्रकरणों का निस्तारण शासकीय मंशानुरूप सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाये, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाये, नही तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।