ड्रोन कैमरे द्वारा आबादी स्थलों का सर्वेक्षण कराया जाएगा:जिलाधिकारी


     अयोध्या, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि ग्रामीण भारत के नागरिकों को बैंकों से ऋण लेने और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने तथा ग्रामीण नियोजन के लिए सटीक भू-अभिलेखों के निर्माण हेतु के साथ संपत्ति विवाद एवं कानूनी मामलों को कम करने के उद्देश्य से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का सीमांकन पंचायती राज मंत्रालय, राज्य के पंचायती राज विभाग व राजस्व विभाग एवं सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से भारत सरकार के केंद्रीय क्षेत्र की योजना स्वामित्व का क्रियान्वयन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का प्रयोग करते हुए किया जाएगा।


        जिलाधिकारी ने आगे बताया कि व्यक्तिगत ग्रामीण सम्पति के सीमांकन के अलावा अन्य ग्राम पंचायतों और सामुदायिक संपत्तियों जैसे गांव की सड़कें ,तालाब, नहरे, खुले स्थान, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य उप केंद्र आदि का भी सर्वेक्षण किया जाएगा और जीआईएस मानचित्र बनाए जाएंगे। यह जीआईएस मानचित्र और स्थानीक डाटाबेस ग्राम पंचायतों और  राज्य सरकार के अन्य विभागों द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों के लिए सटीक कार्य अनुमान तैयार करने में भी मदद करेंगे। इनका उपयोग बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत योजना जीपीडीपी तैयार करने के लिए भी किया जा सकता है। राजस्व विभाग व पंचायती राज विभाग के कर्मचारी इसमें सहयोग करेंगे।


     इस कार्य हेतु मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता को नोडल बनाया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता ने बताया कि ड्रोन कैमरे द्वारा आबादी स्थलों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। यह कार्य 2 वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाएगा। स्वामित्व योजना के संचालन हेतु नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रयोग करने के संबंध में दिनांक 1 जून 2020 को पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उक्त कार्य को शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा।