एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनावी मैदान में- जगत प्रकाश नड्डा

           


      इस साल बिहार में होने वाले विधान सभा चुनाव को एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगा। बीते 16 जनवरी को वैशाली की जनसभा में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा के बाद शनिवार को बतौर भाजपा अध्यक्ष पहली बार पटना आए जगत प्रकाश नड्डा ने भी इसे दुहराया। कहा कि बिहार में इस साल नवम्बर में विधानसभा चुनाव है। एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनावी मैदान में जाएगा।


    एक दिवसीय दौरे में पटना पहुंचे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 11 संगठनात्मक जिलों में पार्टी के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यकर्ताओं से निवेदन किया कि वे इधर-उधर की बातों में नहीं जाएं। पूरी ताकत लगाएं। बिहार में विपक्ष हमेशा घात लगाने की कोशिश में लगा रहता है लेकिन ध्यान नहीं भटकाना है। बिहार में पिछले 10 वर्षों में काफी विकास हुआ है। खासकर पिछले 5 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को हजारों करोड़ दिए। उन पैसों को आधारभूत संरचना सहित अन्य विकासात्मक कार्यों के माध्यम से जमीन पर उतारा है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने। एनडीए ने बिहार की तकदीर बदली है। पहले मुजफ्फरपुर जाने में सात घंटे लगते थे तो अब चंपारण भी तीन-चार घंटे में चला जाता हूं। पुल-पुलिया, सड़क, फ्लाईओवर का जाल बिछा है। बिहार म्यूजियम, पुलिस मुख्यालय का सरदार पटेल भवन विकास की कहानी बता रहा है।


    भाजपा को विकास का दूसरा नाम बताते हुए पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि देश में ढाई हजार राजनीतिक पार्टियां हैं। इसमें 59 को राज्यस्तरीय तो सात को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा है। दूसरी पार्टियों के लिए वोट बैंक आगे तो देश पीछे है जबकि भाजपा के लिए देश आगे और वोट बैंक पीछे है। भाजपा के लिए पार्टी परिवार है तो दूसरे दलों में परिवार ही पार्टी है। कांग्रेस पर तंज कसा कि कैसे एक ही परिवार की तीन-चार पीढ़ियों का जयकारा लगाते-लगाते लोग थक जाते होंगे।  देश में इकलौती पार्टी भाजपा है जिसने वैचारिक लड़ाई को सरकार बनाने पर पूरा किया। एक देश,एक विधान का नारा देने वाली भाजपा सरकार में आने पर जम्मू-कश्मीर से 370 हटाया। अब वहां के लोग खुश हैं। मोदी सरकार के कारण देश की छवि दुनिया में अलग बनी है। भ्रष्टाचार करने वाले या तो जेल में होंगे या बेल पर।


       बिहार में सत्तारूढ़ दल जदयू ने अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। पार्टी ने नए नारे के साथ विधानसभा चुनाव 2020 का आगाज कर दिया है। खास बात यह है कि अबकी जो नारा इस दल ने दिया है वह विधानसभा चुनाव 2015 के नारे से एक कदम आगे का है। 


     पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू का नारा था- ‘बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार हैं’। इसे बिहार की जनता ने जबर्दस्त रिस्पांस भी दिया था। अबकी पार्टी की ओर से प्रदेश मुख्यालय में दो नारों के पोस्टर एक साथ जारी किए गए हैं। हालांकि इसका भी थीम पिछले चुनाव के नारे से मिलता-जुलता है, पर यह एक कदम आगे का नारा है- ‘क्यों करें विचार, ठीके हैं नीतीशे कुमार’। दूसरा नारा है- ‘सच्चा है, अच्छा है, चलो नीतीश के साथ चलें’। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पार्टी जल्द एक और नारा सामने लाएगी-'क्यों करें विचार, हइए हैं नीतीश कुमार'।