G.P.S ट्रेकिंग सिस्टम न लगाने पर अधिकारियों को चेतावनी

         


     लखनऊ,  मण्डलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में लखनऊ स्मार्ट सिटी की बैठक सम्पन्न हुयीए जिसमें नगर आयुक्त डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी सहित स्मार्ट सिटी के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में लाॅकड़ाउन के दौरान लम्बित हुए कार्यों को अविलम्ब अध्यावधिक स्थित में लाने कि लिए योजनावार समीक्षा की गई। कार्यों को अपडेट करने के लिए कार्यवार समय निश्चित किया गया। बैठक में प्रत्येक सेवाओं की सिटीजन फीडबैक लेने एवं जन उपयोगी सेवाओं के लिए स्मार्ट लख़नऊ नामक मोबाइल ऐप शीघ्र सृजित कराने का निर्देश दिये गये।


   लखनऊ शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने हेतु मण्डलायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि नगर के सभी घरों के सामने क्यू0आर0कोड युक्त कूड़ादान रखा जाए ।कूड़ा एकत्रित करने वाले कर्मचारी का यह दायित्व निर्धारित किया जाये कि कूड़ा उठाते समय क्यू0आर0कोड को रीड करके कूड़ा एकत्र किया जाये। इस व्यवस्था को पहले केसरबाग के 50000 घरों में लागू करके नियमित रूप से यह समीक्षा कि जाये कि कितने घरों से कूड़ा उठाया गया एवं कितने घरों से कूड़ा नही उठाया गया।


        कूड़ा उठाने वाले सभी वाहनों में अभी तक G.P.S युक्त व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम न लगाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के अन्दर सभी वाहनों में G.P.S  लगाये जाएं एवं G.P.S  से सूचनाएं संकलित करके निर्धारित मानक के अनुरूप कार्य न करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। कूड़ा उठाने के लिये लगी निजी कम्पनी के वाहनों के देयकों एवं निगम वाहनों के डीजल खपत की जाँच G.P.S  की सूचनाओं के आधार पर चेक करे।वास्तविक से अधिक भुगतान एवं अधिक डीजल खपत के लिए उत्तरदायी कार्यदायी संस्था एवं कार्मिक से वसूली करने के साथ ही दण्डात्मक कार्यवाही की जाये तथा भविष्य में G.P.S  की सूचनाओं तथा वज़न के लिए लगे धर्मकाँटा या एलेक्ट्रोनिक वे ब्रिज के आधार पर कार्यदायी संस्था को भुगतान करने एवं निगम वाहनों में डीजल आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है।


   लखनऊ स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्माण कार्य प्रारम्भ करने के पूर्व, मध्य एवं कार्य पूर्ण होने के पश्चात फोटोग्राफ लिए जाएं जो डिजिटल डायरी के रूप में अभिलेखों में सुरक्षित रखे जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हेतु I.I.T या एन॰आई॰टी॰ व अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी आडिट से निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया है।


     लखनऊ स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उच्चाधिकारियों को स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए हिदायत दी गई कि  किसी भी दशा में मात्र कनिष्ठ अधिकारियों के ऊपर निर्माणाधीन कार्यों के निरीक्षण का कार्य न छोड़ा जाए।


     लखनऊ में तैयार किये गये स्मार्ट बस शेल्टर का भौतिक निरीक्षण करके कार्यों की गुणवत्ता की रिपोर्ट तीन दिनों के अन्दर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।


मण्डलायुक्त ने कहा कि उनके द्वारा स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा ।निरीक्षण में यदि कोई मानक से निम्नतर सामग्री एवं गुणवत्ता मिलती है तो दोषियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।
लाकडाउन के कारण लखनऊ नगर में स्मार्ट ए0टी0एम0 हेल्थ की स्थापना का कार्य लम्बित होने की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि अविलम्ब कार्य पूर्ण कराते हुए स्मार्ट हेल्थ ए0टी0एम0 को क्रियाशील किया जाए ताकि कोविड-19 के दृष्टिगत शहर वासियों को सुगमता से  अपने पड़ोस में जाँच व सलाह सम्बंधी सेवाएं प्राप्त हो सकें। इस व्यवस्था से महिलाओंए बच्चों एवं बुजुर्गों को अपने घर के नजदीकी सेन्टर पर लाभ मिल सके।