कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीजों से बचाव हेतु मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग पालन करे:मुख्य सचिव

 


     कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों से बचाव हेतु मास्क का प्रयोग एवंसोशल डिस्टेंसिंग पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक।माॅल्स, रेस्टोरेंट, मण्डियों इत्यादि के मालिकों के साथ बैठक कर लोगों से मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व जागरूक करने हेतु उनका भी सहयोग लिया जाये।नोएडा-दिल्ली बार्डर पर जाम की स्थिति रोकने हेतु आवागमन करने वाले वाहनों को अनुमन्य पास वाहन पर दूर से प्रदर्शित होने वाले स्थान पर लगाने हेतु निर्देशित किया जाये।कोविड-19 की जांच की क्षमता बढ़ाने हेतु सभी सरकारी मेडिकल काॅलेजों को यथाशीघ्र ट्रू-नेट मशीन उपलब्ध करायी जाये।टेस्टिंग रिजल्ट यथाशीघ्र प्राप्त करने हेतु सैम्पल डिस्ट्रिब्यूशन की व्यवस्था की जाये,ताकि एक ही जगह सैम्पल पहुंचने की स्थिति उत्पन्न न हो।शहरी क्षेत्रों में सर्विलांस टीम की क्षमता बढ़ाते हुये नियमित माॅनीटरिंग सुनिश्चित की जाये।ईएसआई हाॅस्पिटल के साथ बैठक कर हाॅस्टिपल में रेफर करने हेतु रेफरल प्रोटोकाॅल निर्धारित कर लिया जाये, जिससे कि मरीज को हाॅस्पिटल एडमिशन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।अन्य राज्यों के प्रदेश में निवासित भट्ठा श्रमिक, जो अपने प्रदेश वापस जाना चाहते हैं, उनकी सूची भट्ठा मालिकों से प्राप्त कर उन्हें श्रमिक स्पेशलट्रेन से भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।पराली जलाने की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यकतैयारियां समय से सुनिश्चित करा ली जायें।एम्स की प्रवेश परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने हेतु
सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर ली जाये।पीजीआई, चण्डीगढ़ की नोएडा में आयोजित प्रवेश परीक्षा में शामिल होने हेतु प्रवेश पत्र को ही मूवमेंट पास समझा जाये, ताकि उन्हें परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचने में कोई असुविधा न हो।


   लखनऊ, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा है कि कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों से बचाव हेतु मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिये लोगों को एनाउन्समेंट के माध्यम से जागरूक किया जाये। माॅल्स, रेस्टोरेंट, मण्डियों इत्यादि के मालिकों के साथ बैठक कर लोगों से मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व जागरूक करने हेतु उनका भी सहयोग लिया जाये। उन्होंने कहा कि नोएडा-दिल्ली बार्डर से आवागमन करने वाले वाहनों को अनुमन्य पास वाहन पर दूर से प्रदर्शित होने वाले स्थान पर लगाने हेतु निर्देशित किया जाये तथा लाउडस्पीकर से एनाउन्समेंट की व्यवस्था भी की जाये, ताकि वैध पास वाले लोगों को जाम में न फंसना पड़े।


    मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज लोक भवन स्थित कार्यालय कक्ष के सभागार में कोविड-19 के सम्बन्ध में गठित समिति के अध्यक्षों की बैठक में दिये। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि कोविड-19 की जांच की क्षमता बढ़ाने हेतु सभी सरकारी मेडिकल काॅलेजों को यथाशीघ्र ट्रू-नेट मशीन उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग रिजल्ट यथाशीघ्र प्राप्त करने हेतु सैम्पल डिस्ट्रिब्यूशन की व्यवस्था की जाये, ताकि एक ही जगह सैम्पल पहुंचने की स्थिति उत्पन्न न हो। यह भी कहा कि उच्च प्राथमिकता वाले सैम्पलों की जांच प्राथमिकता पर की जाये। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, वहां आवश्यतानुसार मरीजों को भर्ती करने हेतु बेडों की संख्या बढ़ायी जायें। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों की निगरानी हेतु आवश्यकतानुसार टीम भी बढ़ायी जाये।


 


     राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि ग्राम निगरानी समिति द्वारा बेहतर ढंग से काम किया जा रहा है। इसका प्रदेश सरकार द्वारा सर्वे कराया गया है, जिसके सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रति जागरूकता का स्तर भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही निगरानी समितियों के सदस्यों के साथ-साथ क्वारंटाइन में रह रहे लोगों का भी फीडबैक प्राप्त किया जाये, कमी प्राप्त होने पर सम्बन्धित जिलाधिकारी को अवगत कराया जाये। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सर्विलांस टीम की क्षमता बढ़ाते हुये इसकी नियमित माॅनीटरिंग सुनिश्चित की जाये। डोर-टू-डोर कोविड-19 के लक्षणों की पहचान हेतु नगर निगमों का भी सहयोग लिया जाये। कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु होर्डिंग्स, पोस्टर इत्यादि भी लगवाये जायें।


     मुख्य सचिव ने कहा कि ईएसआई हाॅस्पिटल के साथ बैठक कर हाॅस्टिपल में रेफर करने हेतु रेफरल प्रोटोकाॅल निर्धारित कर लिया जाये, जिससे कि मरीज को हाॅस्पिटल एडमिशन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त नोएडा में जिन अस्पतालों में इमरजेन्सी सेवायें चल रही हैं, उसकी भी सूची उपलब्ध करा दी जाये। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक जनपद में एक रोजगार समिति का गठन किया जाये, जो रोजगार सृजन पर विशेष बल देते हुये सेक्टरवार रोजगार सृजन की सम्भावनाओं को चिन्हित कर, बाहर से आये हुये प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल एवं आवश्यकतानुसार रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करे। प्रवासी श्रमिकों के स्किल मैपिंग का डाटा सेवायोजन पोर्टल से भी जोड़ा जाये।


     राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि अन्य राज्यों के प्रदेश में निवासित भट्ठा श्रमिक, जो अपने प्रदेश वापस जाना चाहते हैं, उनकी सूची भट्ठा मालिकों से प्राप्त कर उन्हें श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। भेजने से पूर्व इन श्रमिकों से लिखित रूप में वेतन बकाया न होने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक तैयारियां समय से सुनिश्चित करा ली जायें। पराली को गोवंश आश्रय स्थल में चारे के रूप में इस्तेमाल करने हेतु भी गोवंश आश्रय स्थल तक भेजने की कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाये। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष सर्वाधिक पराली जलाने वाले क्षेत्रों का डाटा एकत्रित कर उन स्थानों पर पराली जलाने की घटना को रोकने हेतु विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ फसलों की बुवाई हेतु खाद एवं बीज इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु समीक्षा कर ली जाये।


     मुख्य सचिव ने कहा कि एम्स की प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने हेतु प्रदेश के 30 शहरों में सेण्टर्स बनाये गये हैं। इन सेण्टरों पर सुचारु रूप से परीक्षा संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर ली जाये। उन्होंने यह भी कहा कि पीजीआई, चण्डीगढ़ की प्रवेश परीक्षा हेतु नोएडा में सेण्टर बनाया गया है। सेण्टर पर परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र को ही मूवमेंट पास समझा जाये, ताकि उन्हें परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचने में कोई असुविधा न हो।


     बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, प्रमुख स्टाफ ऑफिसर   मुख्य सचिव पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।