कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों का नियमित किया जाए निरीक्षण-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा की,08 जून, 2020 से शुरू होने वाले अनलाॅक के दूसरे चरण के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों से संवाद बनाया जा।

 

 

          सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डलों में विकास व राजस्व सम्बन्धी गतिवधियों को आगे बढ़ाने के लिए समीक्षा करें।निर्माण कार्यों के शुरू होने के उपरान्त एक्सप्रेस-वे, मेडिकल काॅलेज, विश्वविद्यालय, सड़क, नहर इत्यादि के निर्माण कार्यों में श्रमिकों/कामगारों का रोजगार दिया जा सकता है।उद्योग, कृषि, उद्यान, निर्माण आदि के क्षेत्र में रोजगार की सभी सम्भावनाओं को तलाशा जाए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं में श्रमिकों/कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इससे उ0प्र0 का नव निर्माण हो सकेगा।आगामी 15 जून, 2020 से श्रमिकों/कामगारों को रोजगार देने के सम्बन्ध में व्यापक कार्ययोजना बना ली जाए।ग्राम्य विकास व नगर विकास विभाग स्ट्रीट वेंडरों को लोन दिलाने के लिए समन्वित कार्यवाही करें।ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन का कार्य लागातार किया जाए।प्रदेश के सभी कोविड व नाॅन कोविड अस्पतालों में डाॅक्टर, नर्स इत्यादि लगातार राउण्ड लेते रहें।

 

     लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अनलाॅक के दूसरे चरण की शुरूआत 08 जून, 2020 से हो रही है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों से संवाद बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों का नियमित निरीक्षण किया जाए। क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन में पुख्ता इंतजाम किए जाएं।योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जिलाधिकारियों के सहयोग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, उनसे समन्वय बनाते हुए कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डलों में विकास व राजस्व सम्बन्धी गतिवधियों को आगे बढ़ाने के लिए समीक्षा करें।

 

       मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों के सुचारु संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक/संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। अतः ये सभी अधिकारी कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करें। उन्होंने निर्माण कार्यों को गति देने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के शुरू होने के उपरान्त एक्सप्रेस-वे, मेडिकल काॅलेज, विश्वविद्यालय, सड़क, नहर इत्यादि के निर्माण कार्यों में श्रमिकों/कामगारों का रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि, उद्यान, निर्माण आदि के क्षेत्र में रोजगार की सभी सम्भावनाओं को तलाशा जाए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं में श्रमिकों/कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इससे उत्तर प्रदेश का नव निर्माण हो सकेगा। आगामी 15 जून, 2020 से श्रमिकों/कामगारों को रोजगार देने के सम्बन्ध में व्यापक कार्य योजना बना ली जाए। सभी श्रमिकों/कामगारों को भरण-पोषण भत्ता व राशन किट अवश्य दी जाए।

 

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन का कार्य लागातार किया जाए। इससे संक्रमण रोकने में सहायता मिलेगी। ग्राम्य विकास व नगर विकास विभाग स्ट्रीट वेंडरों को लोन दिलाने के लिए समन्वित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों/कामगारों को किराए के आवास उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार की योजना के तहत लाभान्वित करने के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार कर ली जाए। इससे श्रमिकों/कामागरों को सुविधानुसार आवास उपलब्ध हो सकेंगे। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जनपद आगरा, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर तथा फिरोजाबाद के मेडिकल काॅलेजों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल काॅलेजों सहित प्रदेश के सभी कोविड व नाॅन कोविड अस्पतालों में डाॅक्टर, नर्स इत्यादि लगातार राउण्ड लेते रहें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों मे साफ-सफाई की दुरुस्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में 48 घण्टे के लिए आॅक्सीजन का बैकअप अवश्य मौजूद हो। सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जाए, ताकि इस पर एंटी सोशल गतिविधियां न हो सकें।