मैराथन बैठक में भारत की चीन को दो टूकः अप्रैल वाली पोजीशन पर लौटे चीनी सेना, हमें अपनी सीमा में कुछ भी निर्माण का अधिकार

           


     नई दिल्ली (मानवी मीडिया)- भारत और चीन के सैन्य शीर्ष अधिकारियों के बीच  शनिवार को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध की स्थिति को सुलझाने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास सुरक्षा बलों को हटाने के लिए बैठक हुई। यह बैठक चशूल के सामने चीन की तरफ मोल्दो में 5 घंटे से ज्यादा देर तक चली। बैठक में भारत की तरफ से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह थे और साथ में ब्रिगेडियर ऑपरेशंस और दो चाइनीज इंटरप्रेटर भी मौजूद थे। चीन की तरफ से साउथ शिनजियांग मिलिट्री कमांड के कमांडर मेजर जनरल लियो लिन मौजूद थे। सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक साढ़े पांच घंटे चली इस बैठक में भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सीमा पर अप्रैल, 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल होनी चाहिए। साथ ही भारत की ओर से कहा गया है कि हम अपनी सीमा के भीतर कोई भी निर्माण कार्य कर सकते हैं। बैठक में हुई बातचीत की सारी जानकारी पीएमओ को दे दी गई है।
बातचीत के बारे में कोई खास विवरण दिए बिना भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत और चीन के अधिकारी भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में बने वर्तमान हालात के मद्देनजर स्थापित सैन्य एवं राजनयिक माध्यमों के जरिए एक-दूसरे के लगातार संपर्क में बने हुए हैं।’ सूत्रों ने कहा कि दोनों सेनाओं में स्थानीय कमांडरों के स्तर पर 12 दौर की बातचीत तथा मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, आज की बैठक में पैंगोंग सो लेक, फिंगर फोर और फिंगर फाइव में चीन के बढ़ते दबाव और एक्स्ट्रा तैनाती के साथ चीन ने जो टेंट और कैंप के साथ परमानेंट स्ट्रक्चर बनाया है उसके बारे में बातचीत की गई। इसमें साफ तौर पर कहा गया कि अप्रैल 2020 का स्टेटस चीन कायम करे। चीन की तरफ से कहा गया कि भारत कोई भी रोड कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकता। हालांकि, ये एलएसी पर भारत की सीमा के अंदर है इसलिए चीन का इस पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं बनता। 
भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह-स्थित 14 कॉर्प के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया जबकि चीनियों का नेतृत्व दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने किया।  इससे पहले इस अहम बैठक के बीच भारत की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया। चीन के साथ गतिरोध पर सेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि लद्दाख में गतिरोध को सुलझाने के लिए चीन के साथ सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। 
भारतीय सेना ने शनिवार को कहा कि भारत और चीन के अधिकारियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्र में मौजूदा तनाव की स्थिति को दूर करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी रहेगी