मेदांता, नरेश त्रेहन के खिलाफ जांच की जिम्मेदारी ईडी ने संभाली

           


     नई दिल्ली (मानवी मीडिया)- हरियाणा पुलिस द्वारा मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल और उसके चेयरमैन व प्रमोटर डॉ. नरेश त्रेहन और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के चार दिनों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच अपने हाथों में ले ली। ईडी के एक सूत्र ने पुष्टि करते हुए कहा कि एजेंसी आने वाले दिनों में इस मामले में पूछताछ के लिए कई लोगों को तलब करेगी।हरियाणा पुलिस ने शनिवार को त्रेहन, उनके संगठन ग्लोबल ल्थ प्राइवेट लिमिटेड, और हरियाणा सरकार के अधिकारियों सहित 14 अन्य लोगों के खिलाफ मामले में कथित भ्रष्टाचार के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी। गुरुग्राम के सिविल कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।


    आरटीआई कार्यकर्ता रमन शर्मा द्वारा अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसने शनिवार को गुरुग्राम पुलिस को 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।त्रेहन और उनके 52 सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें सुनील सचदेवा, अतुल पुंज, अनंत जैन, ग्लोबल हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल इंफ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड और पुंज लॉयड शामिल हैं।शर्मा ने शिकायत की थी कि मेदांता अस्पताल ने एक मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर, नसिर्ंग स्टाफ क्वार्टर, मरीजों के परिचारकों के लिए गेस्टहाउस और कई अन्य सुविधाओं को विकसित करने के लिए एक परियोजना शुरू की थी, लेकिन इसके प्रमोटर ने केवल अस्पताल बनाया। बड़ी बात यह कि उन्होंने कथित तौर पर अन्य परियोजनाओं के पैसे का दूसरे राज्यों में दुरुपयोग किया।