मोरारी बापू की अभद्र टिप्पड़ी सें संत समाज में  रोष 

       श्री कृष्ण-बलराम के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर मोरारी बापू सनातन मर्यादा का कर रहे हैं ह्रास , मोरारी बापू की अभद्र टिप्पड़ी सें संत समाज में  रोष














मथुरा/वृन्दावन-  मोरारी बापू द्वारा भगवान कृष्ण बलराम पर की गयीं अभद्र टिप्पणी सें नाराज हो कर संत समाज ने कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर विडिओ कोंफेंसिंग के जरिए एक सभा आयोजित कर रोष जताया हैं।


    बलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महाराज ने कहा की हमारे आराध्य देव ब्रजराज बलराम जी कों शराबी बता कर मोरारी बापू ने सनातन धर्म मर्यादा का उलंघन किया हैं, धर्म स्थापना के लिए जिन परब्रह्म परमात्मा श्री कृष्ण ने अवतार धारण किया उन्हीं कों धर्म मैं फेल बता कर सूर्य पर थूकने जैसा कुत्सित प्रयास किया हैं,
राम कथा के नाम पर शेरों शायरियां करना, मुगुल आक्रांताओं का वर्णन करना, और तो और अनधिकृत तरीके सें श्मशान मैं शादी करना ही इन्हे आता हैं, शास्त्र का ज्ञान ना कर व्यासगद्दी का अतिक्रमण करने वाले मोरारी बापू का पूर्ण रूप सें बहिष्कार होना चाहिए, और भगवान सें क्षमा माँग कर अपने  शब्दों कों वापिस लें मोरारी बापू,भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बलराम दोनों महान भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक दिव्य चरित्र हैं। जो भारत के लाखों हिंदू या सनातन लोगों को प्रेरित करते हैं। 


     आचार्य बद्रीश महाराज ने कहा अगर ऐसे वक्ताओं कों समाज बढ़ावा देता रहा तो सनातन सस्कृति का विनाश होना तय हैं ऐसे शास्त्रभ्रष्ट वक्ताओं का बलपूर्वक बहिष्कार होना अतिआवश्यक हैं,
ये धर्म विरोधी व राष्ट्र विरोधी व्यक्ति हैं खुद परम ज्ञानी होने का भ्रम, आम जनता कों अज्ञानी समझना, लगता हैं इनका पाप का घडा भर गया हैं ,लगता हैं मोरारी बापू किसी बड़े मानसिक रोग सें ग्रसीत हैं,
इनके पास हिंदू धर्म की अव्यक्त वैज्ञानिक विरासत का कोई ज्ञान नहीं है। उनका बयान उच्च आपत्ति का विषय है और लाखों हिंदुओं की भावना को प्रभावित कर सकता है। 


     पुराणाचार्य डॉक्टर मनोज मोहन शास्त्री ने कहा की मोरारी बापू को नहीं है श्री कृष्ण और श्री बलराम के बारे में कोई जानकारी' वह सिर्फ लोकप्रिय है। किसी भी व्यक्ति को यह बोलने का अधिकार नहीं है कि भगवान बलराम शराब के आदी थे। आधे ज्ञानियों ने बहुत सारी अफवाहें देश में फैलाई हैं उन्हीं में से एक हैं मोरारी बापू।
धर्म रक्षा संघ व बलभद्र शक्ति पीठ के तत्वावधान मैं आयोजित सभा में स्वामी रामदेवानंद सरस्वती, सौरभ गौड़, मोहिनी शरणबिहारी जी महाराज,आचार्य चंद्रेश,त्रिलोक चंद्र वशिष्ठ  महाराज,रेवतीरमण महाराज  आदि संतों ने व कथा वक्ताओं ने
विडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए अपने अपने घरो मैं बैठ कर विरोध प्रदर्शन किया।