मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड सांगीपुर का किया औचक निरीक्षण


      मुख्य विकास अधिकारी ने लेखाकार एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत के शिथिल कार्य पर अस्थायी वेतनवृद्धि रोकने एवं तकनीकी सहायक द्वारा कम स्टीमेट तैयार करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि का दिया निर्देश।


     सहायक विकास अधिकारी सहकारिता द्वारा आनलाईन रिपोर्ट का अभिलेख न उपलब्ध कराये जाने पर कारण बताओ नोटिस तथा स्थापना सम्बन्धी अभिलेखांं में कतिपय कमियां पाये जाने पर स्थापना लिपिक को दी गयी चेतावनी। 

प्रतापगढ़,  मुख्य विकास अधिकारी डा0 अमित पाल शर्मा ने आज विकास खण्ड सांगीपुर कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रान्ट रजिस्टर का अवलोकन किया तो ग्रान्ट रजिस्टर पार्ट-3 माह फरवरी 2020 तक पूर्ण रहा, ग्रान्ट रजिस्टर पार्ट-1 व 2 में प्रविष्टि पूर्ण नही थी जिसके सम्बन्ध में लेखाकार वीरेन्द्र श्रीवास्तव के अस्थायी वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान एसबीएम, एलओबी प्रथम, द्वितीय एवं एनओएलबी के सम्बन्ध में कोई अभिलेख सहायक विकास अधिकारी पंचायत के पास उपलब्ध नही थे, इसी प्रकार राज्य वित्त आयोग एवं चौदहवें वित्त आयोग के अन्तर्गत व्यय धनराशि से सम्बन्धित अभिलेख एडीओ पंचायत नही उपलब्ध करा सके तथा शौचालय का अप्रुवल अवशेष पाया गया जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत का अस्थायी वेतनवृद्धि रोके जाने के निर्देश दिया। निरीक्षण के समय मनरेगा में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित कराये जाने हेतु एपीओ, कम्प्यूटर आपरेटर एवं लेखा सहायक मनरेगा व ग्राम पंचायत बरूआ, बूबूपुर, पूरेनरायनदास व सांगीपुर के ग्राम रोजगार सेवक को कारण बताओ नोटिस निर्गत की गयी।



    तकनीकी सहायक रमेश चन्द्र को कम स्टीमेट तैयार करने हेतु प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सहायक विकास अधिकारी सहकारिता के पास आनलाईन रिपोर्ट रही किन्तु अभिलेख नही उपलब्ध कराये गये जिसके सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया। स्थापना सम्बन्धी अभिलेखांं में कतिपय कमियां पाये जाने पर गुदुन लाल वर्मा स्थापना लिपिक को चेतावनी निर्गत की गयी। विकास खण्ड कार्यालय में खण्ड विकास अधिकारी का नियंत्रण शिथिल पाये जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देशित किया कि इस तरह की लापरवाही कदापि न बरती जाये नही तो कार्यवाही की जायेगी, उन्होने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम निगरानी समिति के साथ बैठक समय-समय पर की जाये।