प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार- बिसुही नदी के साथ-साथ 30 झीलों/बड़े तालाबों का जीर्णोद्धार :अनुज कुमार झा


      अयोध्या,  जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार के साथ जनपद में आये प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के दृष्टिगत मनरेगा के तहत कराये जा रहे विभिन्न नदी/तालाबों/झीलों यथा-विकास खण्ड हरिंग्टनगंज अन्तर्गत विसुई नदी, घाटमतारा तालाब, घाटमपुर झील, विकास खण्ड मिल्कीपुर अन्तर्गत उधैला व सिरसा झील तथा विकास खण्ड सोहावल की काँदी झील व समदा झील के  सुदृढ़ीकरण/जीर्णोद्धार के कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विसुई नदी के साथ-साथ समस्त झीलों व तालाबों के बन्धे पर बरगद, पाकड़, आम, अमलताश, महुआ, प्लाश, जामुन आदि के वृक्षों को रोपित कराने तथा इनके बीजों की सीडिंग कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वृक्षों को रोपित करने की अपेक्षा उनकी सीडिंग पर विशेष बल देने तथा आबादी के आस-पास के क्षेत्रों में सहजन के पेड़ लगाये जायं।



       जिलाधिकारी ने बिसुही नदी के साथ-साथ झीलों और तालाबों में बाहर के पानी आने की व्यवस्था (इनलेट) तथा आस-पास के ड्रेनों व नालों को भी जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन-जिन तालाबों या झीलों की सीमा को लेकर विवाद है, वहाँ पर तत्काल टीम गठित कर सीमा का चिन्हांकन कराया जाय तथा यहाँ पर कार्य पहले प्रारम्भ किया जाय। आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी स्थानों पर अधिक से अधिक श्रमिकों को लगाकर कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। 



       जिलाधिकारी ने कहा कि उ0 प्र0 सरकार एवं मुख्यमन्त्री जी की मंशानुसार प्रवासी श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिगत जनपद में मनरेगा के द्वारा बिसुही नदी के जीर्णोद्धार के साथ-साथ 30 झीलों/बड़े तालाबों यथा-विकास खण्ड बीकापुर के बड़का तालाब (क्षेत्रफल-12.92 हे0), भदनी झील (क्षे0-2.366 हे0), विकास खण्ड अमानीगंज की कंजी झील (क्षे0-36.57 हे0), जगतारा तालाब (क्षे0-2.6 हे0), भेला तालाब (क्षे0-1.7 हे0), धोनी तालाब (क्षे0-14.00 हे0), विकास खण्ड सोहावल की समदा झील (क्षे0-56.10 हे0), काँदी झील (क्षे0-11.304 हे0), धोबिया घाट तालाब (क्षे0-80 ग 80 मी0) एवं विकास खण्ड मिल्कीपुर की उधैला झील (क्षे0-34.52 हे0), सिरसा झील (क्षे0-39.99 हे0), थुनहा झील (क्षे0-26.13 हे0), गौशाईंतारा तालाब, विकास खण्ड पूराबाजार के देवसहा तालाब, लम्भुइया तालाब, विकास खण्ड मयाबाजार के गंुगवा, हरिंग्टनगंज के घाटमतारा तालाब, घाटमपुर झील, तारुन के बनियावा तालाब, आइला तालाब, कमासिन तालाब, मसौधा के उतनैया झील, बड़ैला झील, मवई के झिनिया तालाब, बंधवा झील, कामापुर झील, लालपुर तालाब, कुड़वा झील तथा विकास खण्ड रुदौली की मड़हा झील, आटा झील, मलहुआ झील व बढ़ा तालाब के सुदृढ़ीकरण/जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन तालाबों व झीलों पर कार्य प्रारम्भ न हुआ हो, वहाँ पर कल से कार्य प्रारम्भ किया जाय तथा अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया जाय। 


      जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, डी0आर0डी0ए0, डी0सी0 मनरेगा व अन्य सभी सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब एवं झीलों की खुदाई के साथ-साथ भविष्य में इनसे आय प्राप्त करने हेतु सिंघाड़ा, मत्स्य पालन, कमलगट्टा आदि के उत्पादन तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी परियोजना बनायी जाय।