प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खाते में 1000 आर्थिक सहायता-मंडलायुक्त

    अयोध्या,  प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खाते में आर्थिक सहायता की धनराशि रुपया 1000 प्रति परिवार उपलब्ध कराया जाएगा। इस हेतु शासन ने निर्धारित की प्रक्रिया। उक्त जानकारी देते हुए मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को धनराशि उनके बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक की सीएमपी पोर्टल से डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि बेनीफिशरी जनरेट करने के लिए बेनेफिशरी मेकर के नाम से rahatup.in  पोर्टल पर लिंक उपलब्ध कराया जायेगा। जिस पर राज्यस्तर पर उपलब्ध कराए गए आईडी एवं पासवर्ड द्वारा लागिन किया जाएगा ,जो ओटीपी पर आधारित होगा। प्रथम लॉगिन करने के पश्चात पासवर्ड बदलना अनिवार्य है। आईडी व नए सृजित पासवर्ड से प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को बेनेफिशरी फाइल फ्रिज करते हुए जनरेट की जाएगी जिसमें किसी भी प्रकार का संशोधन अनुमन्य नहीं है। साथ ही जनरेट बेनेफिशरी फाइल का प्रिंट आउट निकाल कर व हस्ताक्षर करके कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी तथा दूसरी प्रति राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त फाइल में डाटा का मिलान धनराशि अंतरण के पश्चात भारतीय स्टेट बैंक के सीएमपी पोर्टल से वापस प्राप्त डाटा से किया जाएगा यदि कोई विसंगतियां या बदलाव पाया जाता है तो संबंधित जनपद के जिलाधिकारी सीधे पूर्ण रूप से उत्तरदाई होंगे।


     प्रत्येक जिलों में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रमिकों के खाते में भेजी जाने वाली धनराशि को चेक करेंगे जबकि ‘‘बेनीफिशरी मेंकर’’ के रूप में प्रभारी अधिकारी बिल्स या किसी डिप्टी कलेक्टर या किसी अन्य अधिकारी को नामित किया जा सकता है। इस कार्य हेतु योग्य एवं उत्तरदायी अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए। प्रवासी श्रमिकों को जो भी डाटा यथा लाभार्थी का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम पूर्णता सही एवं सत्यापित होना चाहिए ।किसी भी प्रकार की ऋटि पाए जाने पर जिलाधिकारी सीधे उत्तरदाई होंगे। प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खातों में धनराशि अंतरण के पश्चात सूची rahatup.in  की वेबसाइट पर 24 घंटे के अंदर अपलोड किया जाना होगा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 द्वारा लाभार्थी से उनके मोबाइल नंबर पर सत्यापन के साथ फीडबैक भी लिया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर धनराशि के दुरुपयोग का प्रकरण संज्ञान में आता है तो संबंधित दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।