राज्य में वापस लौटे श्रमिकों/कामगारों को सेवायोजन एवं  रोजगार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

         


    मुख्यमंत्री ने जनपद बस्ती की पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों को सम्बोधित किया व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की ,मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल जाकर इमरजेन्सी वाॅर्ड का निरीक्षण किया तथा ट्रूनेट मषीन का अवलोकन किया।अधिक से अधिक कामगारों को रोजगार उपलब्ध करायेंकोरोना के संक्रमण से बचाव करते हुए विभिन्न सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों का संचालन किए जाने की आवश्यकता ,भारत सरकार एवं प्रदेष सरकार की सभी रोजगारपरक योजनाओं को मिलाकर आगामी 06 माह के लिए कार्य योजना तैयार की जाए ।वापस लौटे श्रमिकों/कामगारों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराया जाए,पटरी दुकानदारों आदि व्यवसायियों को प्रधानमंत्री द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज का लाभ दिलाया जाए।स्वयं सहायता समूहों को अलग-अलग कार्य आवंटित कर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए,कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतर्क निगाह रखी जाए।

 


       लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में वापस लौटे श्रमिकों/कामगारों को सेवायोजन एवं रोजगार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारीगण अधिक से अधिक कामगारों को रोजगार उपलब्ध करायें। रोजगार सृजन हेतु बैंक से समन्वय स्थापित करके कार्य किया जाए। 

मुख्यमंत्री जी आज जनपद बस्ती की पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचाव करते हुए विभिन्न सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों का संचालन किए जाने की आवश्यकता है। इसी अनुरूप विभिन्न कार्यवाहियों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं प्रदेष सरकार की सभी रोजगारपरक योजनाओं को मिलाकर आगामी 06 माह के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। 

 

     मुख्यमंत्री ने कहा कि 08 जून, 2020 से प्रदेष में प्रायः सभी गतिविधियां प्रारम्भ हो जायेंगी। धर्म स्थल, होटल, रेस्टोरेण्ट, माॅल आदि भी खुल जाएंगे। इस दौरान संक्रमण से बचाव हेतु मास्क/फेस कवर का प्रयोग व सोषल डिस्टेन्सिंग का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसे सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग को और अधिक सक्रिय किया जाए। उन्हांेने कहा कि जनपद बस्ती में 98,000 से अधिक श्रमिक/कामगार वापस आये हंै। इनमें कोविड-19 का संक्रमण हो सकता है। ऐसे में संक्रमण के दृष्टिगत वापस लौटे सभी श्रमिकों/कामगारों की स्क्रीनिंग की जाए। इन्हें होम क्वारंटीन कराया जाए तथा निगरानी समितियों के माध्यम से इनका प्रभावी सर्विलांस सुनिश्चित किया जाए।  

 

       वर्षा ऋतु आने वाली है। इसमें इंसेफेलाटिस, डेंगू आदि बीमारियों का भी प्रकोप होता है। इसके दृष्टिगत ग्रामीण एवं शहरी सभी इलाकों में साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। उन्हांेने कहा कि कोविड एवं नाॅन कोविड अस्पतालों की व्यवस्था सुदृढ की जाए। कोविड अस्पतालों में डाॅक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टाफ निरन्तर राउण्ड लें। मरीजों की स्थिति के बारे में उनके परिवार को नियमित रूप से जानकारी दी जाए। मरीजों के कमरों में स्वच्छता एवं सेनेटाइजेषन का विषेष ध्यान रखा जाए। मरीजांे को गुनगुने पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्हांेने कहा कि नाॅन कोविड अस्पताल में इमरजेन्सी सेवा एवं आवश्यक आपरेषन आदि शुरू कराए जाएं। जिला अस्पताल को ट्रूनेट मषीन प्राप्त हो गयी है। इससे किसी मरीज में कोविड-19 के संक्रमण के बारे में शीघ्र जानकारी प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद उसका इलाज किया जा सकेगा। 

 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि वापस लौटे श्रमिकों/कामगारों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराया जाए। पटरी दुकानदारों आदि व्यवसायियों को प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज का लाभ दिलाया जाए। प्रधानमंत्री विशेष आर्थिक पैकेज में ब्याज अनुदान तथा डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त छूट आदि का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अलग-अलग कार्य आवंटित कर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उनके उत्पादों की मार्केटिंग एवं ब्रान्डिंग भी करायी जाए। उन्हांेने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में श्रमिकों/कामगारों को मनरेगा तथा कृषि और उससे जुड़े हुए विभागों के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। 

 

      मुख्यमंत्री  ने निर्देष दिए कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतर्क निगाह रखी जाए। गोकषी, लूट, साम्प्रदायिक तनाव को बढावा देने वालों को चिन्हित करे उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। साइबर सेल को सक्रिय करके अफवाहों को फैलने से रोका जाए। उन्हांेने कहा कि पुलिस बल को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सुरक्षा के हर सम्भव कदम उठाये जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेष में खाद्य वितरण छठी बार होने जा रहा है। जिन जरूरतमंद व्यक्तियों के राषन कार्ड नही बने हंै, उनका राषन कार्ड बनवाया जाए। ऐसे निराश्रित व्यक्तियों, जिन्हें तत्काल राषन उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, उन्हें 1,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाय। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित न होने वाले बीमार व्यक्ति को 2,000 रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाय। निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु पर अंत्येष्टि के लिए पीड़ित परिवार को 5,000 रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाए। 

   जिलाधिकारी आषुतोष निरंजन ने बताया कि 1,46,515 लोगों को मनरेगा के तहत कार्य उपलब्ध कराकर जनपद प्रदेष में प्रथम स्थान पर है। ग्रामीण इलाकों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा एक लाख मास्क तथा 3700 पी0पी0ई0 किट बनाकर वितरित किया गया है। 

    इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने पुलिस लाइन सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें सांसद श्री हरीष द्विवेदी, विधायक श्री दयाराम चैधरी, श्री अजय सिंह, श्री रवि सोनकर, श्री संजय प्रताप जायसवाल, श्री चन्द्र प्रकाष शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जी ने जिला अस्पताल जाकर इमरजेन्सी वाॅर्ड का निरीक्षण किया तथा ट्रूनेट मषीन का अवलोकन भी किया। उन्होंने निर्देष दिए कि इस मषीन के माध्यम से अधिक से अधिक जांच की जाए।बैठक में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



 

       उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वाॅर्ड का निरीक्षण किया। उन्होंनेे चिकित्सा ड्यूटी रूम एवं वाॅर्डों को देखा और साफ-सफाई, चिकित्सकीय व्यवस्था एवं दवाओं की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। साथ ही, कहा कि मरीजों के बेहतर इलाज में कोई कमी न हो और उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़ेे। 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत कोविड-19 प्रोटोकाॅल के अनुसार सभी उपाय सुनिश्चित किये जायें। उन्होेंने जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से कोरोना सैम्पल की जांच की जानकारी भी प्राप्त की।इस अवसर पर मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर, ए.डी.जी. दावा शेरपा, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 सुनील गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 


      जनपद गोरखपुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वाॅर्ड का निरीक्षण किया। उन्होंनेे चिकित्सा ड्यूटी रूम एवं वाॅर्डों को देखा और साफ-सफाई, चिकित्सकीय व्यवस्था एवं दवाओं की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। साथ ही, कहा कि मरीजों के बेहतर इलाज में कोई कमी न हो और उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़ेे। 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत कोविड-19 प्रोटोकाॅल के अनुसार सभी उपाय सुनिश्चित किये जायें। उन्होेंने जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से कोरोना सैम्पल की जांच की जानकारी भी प्राप्त की।

        इस अवसर पर मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर, ए.डी.जी. दावा शेरपा, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 सुनील गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।