संक्रमण पर रोक लगाने में सरकार ने खड़े किए  हाथ- सुनील सिंह

     लॉकडाउन को खोले जाने के  लिए नहीं ली गई महामारी विशेषज्ञों की सलाह- सुनील सिंह

     देश में दो महीनों से भी ज्यादा समय से जारी लॉकडाउन की पाबंदियों में धीरे.धीरे छूट दी जा रही है।सरकार के हालात वायरस को कोविड 19 नियंत्रण से बाहर  हैए लेकिन देश के कुछ जाने.माने जन स्वास्थ्य और सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस ;ब्व्टप्क्.19द्ध को संभालने के सरकार के तरीके की आलोचना की है।इनका कहना है कि सरकार कोरोना वायरस का सही तरीके सामना नहीं कर रही है और फैसले लेने में महामारी विशेषज्ञों का शामिल नहीं किया जा रहा।

       विशेषज्ञों की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि देश में 25 मार्च से 30 जून तक सबसे ज्यादा पाबंदियों वाला लॉकडाउन जारी रहाए इसके बावजूद संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ। सरकार ने लॉकडाउन एक प्रभावी संस्थान के अनुमानों को आधार बनाकर लागू कियाए जिसके कई अनुमान गलत साबित हुए। अगर सरकार इसमें संक्रामक बीमारियों की जानकारी रखने वाले महामारी विशेषज्ञों की मदद लेती तो यह ज्यादा कारगर साबित हो सकता था।

प्रवासी मजदूरों के पलायन से बढ़ी चुनौती

      बयान में यह भी कहा गया है कि सरकार प्रवासी मजूदरों के मामलों को भी ठीक ढंग से संभाल नहीं पाई। इन मजूदरों के पलायन के कारण संक्रमण पर रोक लगाने में नई चुनौती खड़ी हो गई है।देश के कई बड़े इलाकों और जनसंख्या के भाग में संक्रमण का सामुदायिक प्रसार ;कम्युनिटी ट्रांसमिशनद्ध शुरू हो गया है।