शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का शत् प्रतिशत किया जाये अनुपालन-जिलाधिकारी


    धार्मिक/पूजा स्थलों, कार्यालयों, मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट को खोलने हेतु गाइडलाइन जारी,शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का शत् प्रतिशत किया जाये अनुपालन।

       प्रतापगढ़, जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार ने अवगत कराया है कि कोविड-19 महामारी के रोकथाम के सम्बन्ध में धार्मिक/पूजा स्थलों, कार्यालयों, मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट को खोलने हेतु केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी की गयी है। सभी धार्मिक/पूजा स्थल, कार्यालय, मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट दिनांक 08 जून से खोले जायेगें। जिलाधिकारी ने कोविड-19 के रोकथाम के सामान्य उपाय के सम्बन्ध में बताया है कि समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, सह-रूग्णता अर्थात एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 10 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चों को सलाह दी जाती है कि वह जब तक आवश्यक न हो घर से बाहर न निकलें। फेस कवर/मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जायेगा, प्रत्येक व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर यथा सम्भव एक दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी रखेगें। सभी भवन/धर्मस्थल में प्रवेश से पूर्व हाथों को एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से कीटाणु रहित किया जायेगा। मुॅह एवं नाक को खांसते/छींकते हुये टिश्यू पेपर/रूमाल से पूरी तरह से ढकना चाहिये, प्रयोग के बाद टिश्यू पेपर आदि को उचित तरीके से (डस्टबिन आदि में) फेंका जाये। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा। सभी लोग अपने एनड्राइड फोन में आरोग्य सेतु तथा आयुष कवच कोविड ऐप डाउनलोड करें।


      जिलाधिकारी ने बताया है कि कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धार्मिक/पूजा स्थल खोले जायेगें।प्रत्येक धर्म स्थल के अन्दर एक बार में एक स्थान पर 05 से अधिक श्रद्धालु न हो, प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाये एवं इन्फ्रारेड थर्मामीटर की भी व्यवस्था की जाये। जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नही होगा उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी, सभी प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को फेस कवर/मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। आने वाले व्यक्तियों को विभिन्न समूहों में विभाजित करते हुये परिसर में प्रवेश करने की व्यवस्था की जाये जिससे कि अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो और संक्रमण का प्रसार न होने पाये। सोशल डिस्टेसिंग को सुनिश्चित करने हेतु परिसरों में व्यक्तियों के लाइन मेंं खड़े होने के लिये स्पष्ट दृश्य निशान/चिन्ह अंकित कर दिये जाये। परिसर के भीतर विशेषकर शौचालयों, पानी पीने और हाथ धोने के स्थलों पर प्रभावी एवं सतत् सेनेटाइजेशन किया जाये। कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों में कोविड-19 मामलों से इंकार नहीं किया जा सकता है ऐसी परिस्थिति में जब एक या कुछ व्यक्ति, एक कमरा/कार्यालय का साझा करते है, कोविड-19 के लक्षणों से ग्रस्त पाये जाते है तो बीमार व्यक्ति को एक कमरें या क्षेत्र में रखा जाये जहां वे कार्यस्थल पर दूसरों से अलग हों। उन्हें ऐसे समय तक मास्क/फेस कवर प्रदान किया जाये जब तक कि उनकी जांच किसी चिकित्सक द्वारा न कर ली जाये। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन पर यदि संदिग्ध प्रकरण हल्के लक्षणों वाला पाया जाता है तो उसे होम क्वारन्टीन के तहत रखा जायेग। ऐसे सभी कर्मचारी जो कि संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते है जैसे वृद्ध कर्मचारी, गर्भवती कर्मचारी और ऐसे कर्मचारी जो कि निरन्तर चिकित्सीय पर्यवेक्षण में हो जैसे दमा, मधुमेह, हृदयरोग, कैन्सर अथवा किडनी रोग वाले मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाये। उन्हें प्रायः जनता के साथ सीधे सम्पर्क की आवश्यकता वाले किसी भी फ्रन्ट-लाइन काम के सम्पर्क में नही आने देना चाहिये, जहां भी सम्भव हो ऐसे कर्मचारियों को घर से काम की सुविधा प्रदान की जाये।


     जिलाधिकारी ने बताया है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों/आगन्तुकों को फेस कवर/मास्क का उपयोग करने पर ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी जाये। उन्हें कार्यालय परिसर के अन्दर हर समय फेस कवर/मास्क पहनना आवश्यक होगा। कार्यालय परिसर के बाहर और भीतर कोई भी दुकान, स्टॉल, कैफेटेरिया आदि में सामाजिक दूरियों के मानदण्डों का पालन हर समय सुनिश्चित किया जाये। कार्यालयों में बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जाये कि पर्याप्त सामाजिक दूरी बनी रहे। यदि कार्य स्थल पर एक या दो प्रकरण ही चिन्हित है तो कीटाणु रहित किये जाने की प्रक्रिया पिछले 48 घंटों में रोगी द्वारा किये गये भ्रमण स्थलों/क्षेत्रों तक सीमित रहेगी। सम्पूर्ण कार्यालय भवन अथवा कार्यालय के अन्य क्षेत्रों में कार्य को बन्द करने की आवश्यकता नहीं है। यहॉ निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार निःसंक्रमित किये जाने के पश्चात् कार्य पुनः प्रारम्भ किया जा सकता है। यदि किसी परिस्थिति में बड़ी संख्या में प्रकरण आते है तो पूरी तरह से कीटाणु रहित किये जाने के पश्चात् भवन/ब्लाक को 48 घण्टे के लिये बन्द करना होगा। जब तक भवन/ब्लाक को पर्याप्त रूप से विसंक्रमित करते हुये पुनः कार्य किये जाने योग्य घोषित नही कर दिया जाता तब तक सभी कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति दी जाये। यदि आवश्यक सेवाओं का कार्यालय है तो वैकल्पिक स्थान पर कार्यालय संचालन करने की व्यवस्था की जाये। 


     जिलाधिकारी ने बताया है कि कन्टेनमेन्ट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में मॉल, होटल, रेस्टोरेन्ट खोले जा सकते है उसके लिये शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करना होगा। उन्होने बताया है कि समस्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाताचार चालू हालत में रहने चाहिये, प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु रहित करने हेतु सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाये एवं इन्फ्रारेड थर्मोमीटर की भी व्यवस्था यथासम्भव की जाय। जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नही होगा केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। फेस कवर /मास्क पहनने वाले लोगों को ही प्रवेश करने की अनुमति होगी। मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर एवं प्रवेश हेतु लाइनों में पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाये रखने के साथ-साथ सम्पूर्ण परिसर में सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। खाने के आर्डर देने में/भुगतान के समय सम्पर्क विहीन प्रक्रिया, कैशलेस/ई-वालेट आदि अपनायी जाये। ग्राहक के टेबल छोड़ते ही प्रत्येक बार टेबल को सैनिटाइज किया जाये। किचेन के अन्दर स्टाफ द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन एवं किचेन-एरिया की नियमित अन्तराल पर सफाई एवं सैनिटाइजेशन किया जायेगा। मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट में गेमिंग जोन एवं बच्चों के खेलने के स्थान बन्द रहेगें, मॉल के अन्दर स्थित सिनेमा हाल बन्द रहेगें। रेस्टोरेन्ट के अन्दर बैठने की व्यवस्था इस प्रकार की जाये कि उचित सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो, डिस्पोजब्ल मेन्यू का प्रयोग किया जायेगा। होम डिलेवरी करने से पूर्व डिलेवरी स्टॉफ की मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धन द्वारा थर्मल-स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाये, वस्तुओं/सामानों आदि की पूर्ति करते समय आवश्यक सावधानियां बरती जाये। एयर-कंडीशनरों/वेन्टिलेशन के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के माध्य एवं आर्द्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिये। क्रॉस वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिये कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके। मॉल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट परिसर के अन्दर संदिग्ध अथवा पुष्ट केस प्राप्त होने पर बीमार व्यक्ति को ऐसे स्थान पर रखा जाये जिससे कि वह अन्य व्यक्तियों से बिल्कुल अलग हो जाये, जब तक उसे चिकित्सक द्वारा परीक्षण न कर लिया जाये तब तक उसके द्वारा पूरे समय तक फेस कवर/मास्क का प्रयोग किया जाये तथा तुरन्त निकटतम अस्पताल में सूचित किया जाये, यदि व्यक्ति पाजिटिव पाया जाये तो परिसर को पूर्ण रूप से कीटाणु रहित किया जाये।