सत्ता मद्द में मस्त भाजपा लोकतंत्र बना मजाक-अखिलेश यादव


 सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में सत्तारूढ़ दल ने सभी लोकतांत्रिक मान्यताओं का तिरस्कार करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को एक मजाक बना दिया है।अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता का ऐसा बदरंग चेहरा कभी नहीं देखा गया। भाजपा ने अपनी हार को जीत में बदलने के लिए मतदाताओं के अपहरण, उनको मतदान से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहारे बल प्रयोग किया और जबर्दस्ती हेल्पर देकर अपने पक्ष में मतदान करा लिया। भाजपा की धांधली का उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा को मिली करारी हार पर समीक्षा शुरू हो गई है।अखिलेश यादव ने कमिटी का गठन कर दिया है। यह जांच कमिटी पार्टी से गद्दारी करने वालों की पहचान करके रिपोर्ट पार्टी मुखिया को देगी। कमिटी सांसद और विधायकों की भूमिका की भी जांच करेगी। जांच के दौरान सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे।समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने जांच कमिटी को भेजने से पहले पार्टी के जिम्मेदार लोगों से पूरे प्रकरण पर अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है। 7 जुलाई तक जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और अन्य प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेताओं को अपनी अलग-अलग रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को भेजनी है। इसके बाद ही वे इस मामले में आगे का फैसला लेकर अपने स्तर से बनाई गई जांच कमिटी को मुरादाबाद भेजेंगे।

कन्नौज में समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों के विरुद्ध फर्जी मुकदमें लगाए गए। सत्ता पक्ष के लिए हेल्पर लगाकर मतदान करने का दबाव बनाया गया। हमीरपुर में प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को धक्का मार कर बाहर कर दिया गया। भाजपा विधायक मनीष बूथ के अंदर बने रहे। सोनभद्र में पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस-भाजपा के दबंगों ने रास्ते से उठाकर भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने का प्रयास किया। हापुड़ में पुलिस जिला प्रशासन ने सपा के जिला पंचायत सदस्यों के वोट डालने में व्यवधान डालकर चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। औरैया में सपा प्रत्याशी रवि दोहरे को डीएम ने कमरे में बंद कर दिया। यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा ने आज जो धांधली जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में की है उसका जवाब अब 2022 में जनता देने को तैयार बैठी है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ही लोकतंत्र बहाल होगा और तभी जनता के साथ न्याय होगा।

उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की करारी हार के पीछे बागी पंचायत सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सपा की जिला इकाई ऐसे सदस्यों की सूची बना कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा के साथ पार्टी नेतृत्व को भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अखिलेश यादव इन पर एक्शन लेंगे। बताया जा रहा है बागियों को पार्टी से निकाला जा सकता है।

जिले के सृजन के बाद से भदोही में जिला अध्यक्ष की इस सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा जिसमें ज्ञानपुर के बाहूबली विधायक विजय मिश्रा जो कभी सपा के धुरंधर नेता थे, उनका तो एक क्षत्रराज था लेकिन इस जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में निर्दल प्रत्याशी व भदोही भाजपा विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी के भाई अनिरूध्द त्रिपाठी ने जीत दर्ज करायी है।इस सीट से सपा ने अपने पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री कुंवर प्रमोद चन्द्र मौर्या की बहू श्याम कुमारी को प्रत्याशी घोषित किया था। कुंवर प्रमोद चन्द्र मौर्या का दावा था कि उनके पास पांच सदस्य ऐसे हैं जो उन्ही को मत देंगे लेकिन हुआ इसके उलट। सपा प्रत्याशी दो प्रस्तावक के आभाव में नामांकन तक नहीं कर पायी।

सपा के कुंवर प्रमोद चन्द्र मौर्य यादव कुछ जिला पंचायत सदस्यों को ऐसा अपमानित किया कि वह सपा छोड़ कर भाग खड़े हुए और निर्दल प्रत्याशी एवं मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूध्द त्रिपाठी के घेमे में जा मिले।भागने वालों में युवजन सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष वार्ड नम्बर 13 से सदस्य मनोज यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष लोहिया वाहिनी वार्ड नम्बर 2 श्यामधर यादव, वार्ड नम्बर 1 से पूर्व विधान सभा अध्यक्ष भदोही पन्ना लाल यादव के रिश्तेदार सीमा, जगदीश यादव वार्ड नम्बर 22, सूबेदार यादव वार्ड नम्बर 23 ऐसे सपाई दिग्गज व कभी पद पर रहने वाले जिला पंचायत सदस्य शामिल थे।

हार के बाद भदोही जिले के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बाल विद्या विकास यादव जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में गद्दारी करने वाले ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रयागराज के अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान केन्द्र पर भाजपा के लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर मतदान की गोपनीयता भंग की। फिरोजाबाद में कोर्ट के आदेश के बावजूद छह मतदाता रोके गए। आज भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए पढ़े लिखे पंचायत सदस्यों को भी मतदान के समय जबरन हेल्पर दिए गए। फरुर्खाबाद में तीन मतदाता जो एमए पास हैं उन्हें भी प्रशासन ने भाजपाई हेल्पर देकर अपने पक्ष में मतदान कराया। अलीगढ़ में नौ सदस्यों को सहायक हेल्पर समाजवादी पार्टी के विरोध के बावजूद दिए गए। शामली में जबरन आठ हेल्पर लगा दिए गए। रामपुर में सपा के दो पंचायत सदस्यों का रास्ते से पुलिस ने अपहरण कर लिया और हेल्पर देकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों का जबरन वोट भाजपा के पक्ष में डलवाया गया। अमेठी के चुनाव में कुल 36 वाडोर्ं में 4 ही जिला पंचायत सदस्य निरक्षर थे जबकि सात हेल्पर लगा दिए गए। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पंचायत सदस्यों को रोक कर धमकाया गया। मतदान बूथ से पार्टी प्रत्याशी शीलम सिंह को भी बाहर कर दिया गया।